लखनऊ में हसनगंज में बेटे व पति की मौत से परेशान कौशल्या देवी (65) ने बुधवार दोपहर को खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा ली। चीखपुकार पर आए पड़ोसियों ने पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। पुलिस ने वृद्धा को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई।
प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, डालीगंज में बाबू वाली गली निवासी कौशल्या के पति सियाराम की 25 साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद बड़े बेटे रतन उर्फ प्रसाद की एक महीने पहले हार्टअटैक से मौत हो गई। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सकीं। इससे पहले वे दो बार घर छोड़कर भी जा चुकी थीं। परिवारीजन उन्हें तलाश कर घर ले आए थे, लेकिन वह हमेशा गुमसुम रहती थीं और किसी से बात भी नहीं करती थीं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
कौशल्या के तीन बेटे हैं। एक रतन जिसकी एक महीने पहले मौत हो गई। वहीं परिवार में लखन व पुत्तन है। दोनों का परिवार एक साथ रहता है। कौशल्या के दोनाें बेटे मजदूरी करते हैं। वहीं मां को विधवा पेंशन मिलता था। जिससे परिवार का खर्च चलता था। लखन ने बताया कि हादसे की सूचना मिली तो उसने पुत्तन की पत्नी को फोन किया। उसे जानकारी हुई तो पहली मंजिल पर गई। जहां दरवाजे को धक्का देकर खोला तो अंदर वह गंभीर रुप से झुलस गई थी।