एक कार्यक्रम में बच्चों से पंखा झलवाने को लेकर चर्चित हुए आईएएस अधिकारी के नखरे से उनके मातहत बेहाल हैं।
जब वह बुनियादी शिक्षा वाले विभाग में थे तो वहां उनकी कार्यप्रणाली और कार्यशैली को लेकर सब बेहाल थे। अब वह कल्याण करने वाले विभाग में हैं।
यहां पेंशन और फीस प्रतिपूर्ति का अहम काम होता है। वह जैसे इस विभाग में पहुंचे उनकी एक विशेष सचिव से ठन गई। तेवर वाले हैं सो विशेष सचिव को चलता करा दिया।
यह विशेष सचिव ऐसे थे जिनके सहारे सारा काम चल रहा था, लेकिन साहब को वह पसंद नहीं थे। अब विभाग में काम को लेकर खींचतान चल रही है।
वजह छोटे साहब जब तक थे, सब संभाल लेते थे। अब जानकारी के अभाव में काम फंस रहा है, सो सब बेहाल हैं।