हिंदी संस्थान के निराला सभागार में 35 शिक्षकों का हुआ सम्मान।
लखनऊ। राजधानी में साहित्य, सम्मान और संगीत से सजी शाम में काव्या सतत साहित्य यात्रा परिवार का 12वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शनिवार को हिंदी संस्थान के निराला सभागार में हुए कार्यक्रम में साहित्यकारों और शिक्षकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मिथिलेश दीक्षित ने की। मुख्य अतिथि डॉ. अनिशा अंगिरा रहीं, जबकि मनोरमा लाल और चित्रा मोहन विशिष्ट अतिथि रहीं। कार्यक्रम में चार पुस्तकों- ''कथा वीथिका'' (लघुकथा संग्रह, संपादक निवेदिता श्री), ''लेखनी से'' (शारदा लाल), ''मन अयोध्या'' (नमिता शर्मा) और ''नन्हे पंखों की ऊंची उड़ान'' (शीतल बाजपेयी) का लोकार्पण हुआ। पुस्तकों की समीक्षा ज्योत्स्ना सिंह, इला सिंह, शीतल बाजपेयी और विनीता मिश्रा ने की। शिक्षक दिवस के अवसर पर करीब 35 शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद विपिन मलीहाबादी, मुकेश मिश्रा, स्वरिका कीर्ति, मंजुल मंजर, शीतल बाजपेयी और डॉ. बलवंत सिंह ने काव्यपाठ किया। इंदु सारस्वत, आशा श्रीवास्तव, अर्पिता और राखी अग्रवाल ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।