घर से पांच दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में गायब युवक का शव अपने चाचा के बंद पड़े घर के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में छत-विक्षत हालात में फांसी के फंदे से लटका मिला है। परिजनों ने युवक के गायब होने के बाद काफी खोजबीन करने के बाद दो दिन पूर्व थाने जाकर सूचना दी। लेकिन कार्रवाई के बजाय थाने से परिजनों को भगा दिया गया। शुक्रवार सुबह युवक का शव मिला बंद पड़े घर मे मिला। परिजन हत्या का आरोप लगाकर शव ले जाने नहीं दे रहे थे। कड़ी मशक्कत के बाद परिजन पुलिस को शव पीएम के लिये ले जाने दिए।
थाना क्षेत्र के रामगढ़ के गाजियापुर निवासी इंद्रपाल के बड़े बेटे राहुल वर्मा बीते तीन अक्टूबर दोपहर बाद संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गया था। गायब होते ही परिजन आसपास व रिश्तेदारों के यहां दो दिनों तक खोजबीन करने के बाद युवक के न मिलने पर मृतक की मां संग्रामपुर थाने जाकर मामले की शिकायत किया। मृतक की मां अमरावती का आरोप है जब मै थाने गई तो मेरी एफआईआर दर्ज करने के बजाय भगा दिया दरोगा साहेब ने। कहा जाकर खोजो वह किसी लडक़ी को लेकर भाग गया होगा।
संग्रामपुर पुलिस ने मेरी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही कभी मेरे घर जांच के लिये आई। हम घर वाले पांच दिनों से बेटे को हर जगह खोज रहे हैं। वहीं शुक्रवार सुबह परिवार के बंद पड़े एक घर में दुर्गंध आने पर जब लोगों को शंका हुई तो कमरे को खोलकर देखा गया तो छत बिछत शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस पीएम की कार्रवाई करने लगी तो परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों ने कहा अभी तक आप कहां थे। पुलिस की कार्रवाई के आश्वासन पर कड़ी मशक्कत के बाद परिजन ने शव को पीएम के लिए भेजा गया।
बाबा ने तीन पर लगाया हत्या का आरोप
मृतक के बाबा राम बहादुर वर्मा का आरोप है कि गांव के भारत वर्मा उनके रिश्तेदार सहित तीन लोगों ने हत्या का आरोप लगाया है। बाबा का आरोप लगाया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की अगर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो पोते को बचाया जा सकता था।