राजधानी के प्रतिष्ठित ला-मार्टीनियर कॉलेज के गेम्स टीचर पर एडमिशन के नाम पर ढाई लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए गौतमपल्ली थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पुलिस का कहना है कि मामला चार साल पुराना है। मंगलवार को कॉलेज जाकर छानबीन की जाएगी। गौतमपल्ली थाना के दरोगा नवेंद्र शेखर अग्निहोत्री ने बताया कि एफआईआर बाजारखाला के ऐशबाग नई बस्ती स्थित गुलमोहर कॉलोनी निवासी कारोबारी प्रभाकर शुक्ला ने दर्ज कराई है।
प्रभाकर का कहना है कि सत्र 2011-2012 में उन्होंने नर्सरी में बेटे के एडमिशन के लिए अपने परिचित बुलाकी अड्डा की शकूर कॉलोनी में रहने वाले ला-मार्टीनियर के गेम्स टीचर नफीस अहमद से संपर्क किया।
नफीस ने उन्हें डोनेशन के रूप में ढाई लाख का खर्च बताया जिसके लिए वे तैयार हो गए। उन्होंने नफीस को दो ब्लैंक चेक दीं। एक महीने तक नफीस चेक अपने पास ही रखे रहे।
बाद में उसने चेक से काम न बनने की बात कहते हुए कैश मांगा। पुलिस के मुताबिक प्रभाकर ने उन्हें ढाई लाख रुपये कैश दे दिए। हालांकि, उनके बेटे का एडमिशन नहीं हो सका। इसके बाद वह अपनी रकम मांगते रहे लेकिन नफीस उन्हें बहाने बनाकर टरकाते रहे।
ऐशबाग के कारोबारी से वसूली थी रकम
डेमो
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करीब तीन साल पहले नफीस ने उनकी चेक भी कैश कराने की कोशिश की। हालांकि, चेक छह महीने से अधिक पुरानी होने के चलते बैंक से लौटा दी गई। प्रभाकर का आरोप है कि नफीस से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देते हुए भगा दिया।
प्रभाकर ने पुलिस से शिकायत की लेकिन उन्हें टरकाया जाता रहा। अंतत: प्रभाकर ने सीजेएम संध्या श्रीवास्तव की कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने गौतमपल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
‘नफीस अहमद कॉलेज में एक टीचर हैं। उनके खिलाफ इस तरह का कोई मामला दर्ज हुआ है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो कानून अपना काम करेगा’।-कार्लाइल मैकफरलैंड प्रिंसिपल, ला-मार्टीनियर कॉलेज