रायबरेली। कोहरे की वजह से दिसंबर में तीन महीने के लिए निरस्त हुई ट्रेनों का संचालन एक मार्च से पटरी पर लौटने लगेगा। शुक्रवार को तीनों शटल सेवाएं दौड़ेंगी। इनमें एक शटल सेवा ऊंचाहार-रायबरेली के बीच दौड़ती है तो दो शटल सेवाओं का संचालन रायबरेली-रघुराज सिंह स्टेशन के बीच होता है। इन ट्रेनों के दौड़ने से जिले के भीतर छोटे स्टेशनों तक का सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अलावा नई दिल्ली और मालदा टाउन के बीच सप्ताह में दो दिन दौड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन तथा प्रयागराज और ऋषिकेश के बीच सप्ताह में तीन दिन फर्राटा भरने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के निरस्तीकरण की अवधि खत्म हो गई है। इन ट्रेनों का संचालन तय दिवसों में होने लगेगा।
नई दिल्ली और बनारस के बीच चलने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, देहरादून और बनारस के बीच चलने वाली जनता मेल, सिंगरौली और टनकपुर के बीच चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन पहले की तरह रोज होने लगेगा। इन ट्रेनों को एक दिन छोड़कर चलाया जा रहा है।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि तीनों शटल सेवाएं एक मार्च से शुरू होंगी। बाकी ट्रेनों के पटरी पर लौटने में एक-दो दिन का समय लगेगा।
तीन घंटे देर से आई प्रयागराज स्पेशल
रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी में भले ही थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन पूरी तरह ट्रेनों का संचालन पटरी पर नहीं लौटा है। अभी भी कई ट्रेनें काफी देर से आ रही हैं। बृहस्पतिवार को लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली प्रयागराज स्पेशल तीन घंटे विलंब से आई। यह गाड़ी लखनऊ से ही देर से रवाना होने के कारण देर से पहुंची।
सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देर से आई, जबकि देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और टनकपुर से शक्ति नगर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस पौन घंटे विलंब से पहुंची।
अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल, प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और जम्मू तवी से पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से आने के कारण यात्री परेशान हुए। बाकी ट्रेनें आधे घंटे से कम विलंब से आई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी पहले से काफी कम हुई है।