बसपा
के के को-ऑर्डिनेटर हैं। वे एक होटल पर बैठे फोन पर अपने प्रत्याशी को
दिलचस्प टिप्स दे रहे थे।
उनकी बात सुनकर पास में बैठे लोग भी मुस्कुराते
नजर आए। उनका फंडा कुछ यूं रहा- अपनी चुनाव तैयारी पर तो ध्यान देना ही है,
उससे ज्यादा इस पर ध्यान देना है कि सामने वाला कर क्या रहा है?
कहां जा
रहा है? क्या बोल रहा है? किससे मिल रहा है? अपनों पर भी नजर होनी चाहिए।
इसके लिए विश्वसनीय लोगों को रिकॉर्डर दीजिए..पेन कैमरा दीजिए।
इस तरह
बिल्कुल सटीक खबर आएगी। कोई बात मीडिया में फैलानी हो तो उसे सेट करके बता
दीजिए। यह जरूर रहे कि खुद सामने न आना पड़े।
वे साथ में अपना अनुभव भी
बताते हैं। कहते हैं कि जहां-जहां चुनाव देखने की जिम्मेदारी मिली, इसी
रणनीति से विरोधियों की हवा निकाली।