भाजपाई गदगद हैं। गदगद होने का कारण गुजराती फैक्टर है। पर, वजह अमित शाह नहीं बल्कि मधुसूदन मिस्त्री हैं।
मिस्त्री के आने से पहले भाजपाइयों को लगता था कि वह यूपी में शाह की मुसीबत बन सकते हैं। पर, मिस्त्री ने जिस तरह मोदी व शाह पर हमला बोला।
उससे भाजपाइयों को अपना एजेंडा पूरा होते दिख रहा है। कहते हैं, ‘एक दिन के दौरे में ज्यादातर समय मोदी व शाह पर हमला’ इससे ज्यादा भाजपा को चाहिए ही क्या।
हम अपने कारण कब जीतते हैं। आज तक दूसरों के कारण ही भाजपा सूबे में जीतती रही है। बात चाहे 1989-90 हो या 1996-97।
एक बार मुलायम बोले, तो हम सत्ता में आ गए। फिर सब मिलकर बोले तो जनता ने हमें सरकार में पहुंचा दिया। अब मिस्त्री साहब आए हैं।
मोदी व शाह के खिलाफ जितना बोलेंगे उतना ही लोग भाजपा के साथ आएंगे। हमें और चाहिए ही क्या?