भाजपा में जो शाह चुनावी प्रबंधन के माहिर माने जाते हैं, उनको यूपी में सलाह के लिए वे लोग मिले जो खुद कभी चुनाव नहीं जीत पाए।
जीतना तो दूर अपने वोटों का आंकड़ा भी सम्मानजनक संख्या तक नहीं ले जा पाए।
कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं तो कुछ इसे अंधेर नगरी जैसी कहावतों के रूप में देख रहे हैं। पर, उनको यह बात कौन समझाए कि यही तो यूपी है।
शाह की सोच भटक जाए तो उनका नहीं, यूपी के पानी का दोष है। जिसने उन्हें भी उल्टी दिशा में आगे बढ़ने को मजबूर कर दिया।