सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय की दुश्मन है। उसने पिछड़ों के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया है। अभी पिछड़ों का हक छीना है और भविष्य में दलितों का भी हक छीन लेगी। अखिलेश बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने सरकार से पिछड़े वर्ग के आरक्षण के मुद्दे पर विशेष सदन बुलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन चलाने में आनाकानी कर रही है। पिछली बार तीन दिन का सत्र बुलाया और दूसरे दिन ही समाप्त कर दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा हर संस्था में आरक्षण छीनकर पिछड़ों-दलितों की आने वाली पीढ़ियों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र कर रही है। इसके खिलाफ सपा संघर्ष करेगी। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जातीय जनगणना कराए। इसके बिना किसी को हक और सम्मान नहीं मिल पाएगा। सरकार एक तरफ आरक्षण खत्म कर रही है और दूसरी ओर चुनाव से भी भागना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में जाने के बाद पिछड़े वर्ग के नेताओं की आत्मा मर जाती है।
कांग्रेस की यात्रा में शामिल होने के निमंत्रण के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है। वह भावनात्मक रूप से कांग्रेस के साथ हैं लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु हैं।
भर्ती में हो रही धांधली, वीसी पर बुलडोजर क्यों नहीं
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पहले पुलिस भर्ती में 17 सौ पिछड़ों व दलितों को नौकरी से बाहर किया। फिर 69 हजार शिक्षक भर्ती में घोटाला हुआ। अब विभिन्न विश्वविद्यालयों में भर्ती में आरक्षण की अनदेखी हो रही है। तकनीकी विवि की भर्तियों में घोटाला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कुलपति के खिलाफ जांच चल रही है, उस पर बाबा का बुलडोजर क्यों नहीं चल रहा है।
कारोबार में गुजरात के लोगों को विशेष आरक्षण
सपा अध्यक्ष के समक्ष अयोध्या से आए व्यापारियों ने खुद के उजाड़े जाने का आरोप लगाया। कहा, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह 27 जनवरी को अयोध्या जाएंगे और वहां की स्थितियां देखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कारोबार व उद्योग में गुजरात के लोगों को विशेष आरक्षण दिया गया है। सरकार अयोध्या के मूल वासियों को हटाकर गुजरात और दिल्ली के लोगों को स्थापित करना चाहती है।