रायबरेली। किसान आंदोलन से बिगड़ी ट्रेनों की रफ्तार अब यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। पंजाब मेल की रफ्तार इतनी सुस्त पड़ गई है कि यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। शनिवार को दोपहर वाली दोनों पंजाब मेल इतनी ज्यादा लेट रही कि देर रात पहुंची। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी भीषण गर्मी में यात्रियों को परेशान किया।
किसान आंदोलन की वजह से पंजाब की ओर से आने वाली ट्रेनों को लुधियाना के पास डायवर्ट किया गया है। इन ट्रेनों को चंडीगढ़ के रास्ते चलाया जा रहा है। इसीलिए इस जिले से होकर गुजरने वाली पंजाब मेल की समय सारिणी बिगड़ी हुई है। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल 10 घंटे और हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल 12 घंटे से ज्यादा लेट चल रही है।
दोनों ट्रेनों के आने का समय दोपहर 12 से 1 बजे के बीच है, लेकिन दोनों ही ट्रेनें रात 9 बजे के बाद पहुंची। चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस भी ढाई घंटे देर से आई, जिससे प्रयागराज से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस एक घंटे विलंब से पहुंची।
दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस ढाई घंटे, पुरी से आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस सवा घंटे और देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल विलंब से पहुंची। सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस पौन घंटे, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस, बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल और प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से आई।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि किसान आंदोलन की वजह से पंजाब की ओर से आने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्जन है, जिससे लेटलतीफी ज्यादा रही। बाकी ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण देर से पहुंची।