रायबरेली। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के बाद किसान की मौत होने पर बीमा कंपनी क्लेम देने से मना नहीं कर सकती है। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कंपनी को दोषी करार देते हुए 50 हजार रुपये क्लेम देने का आदेश दिया है। 45 दिन में भुगतान न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आठ हजार रुपये क्षतिपूर्ति व दो हजार रुपये वाद-व्यय के रूप में भी भुगतान करने का आदेश दिया है।
महराजगंज तहसील क्षेत्र के पूरे बरजोर मजरे बसंतपुर निवासी जय विजय सिंह ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की नरेथुआ शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। भारतीय एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी से केसीसी का बीमा कराया था। इस हिसाब से मृत्य के बाद केसीसी के नामिनी को 50 हजार रुपये क्लेम मिलना चाहिए। सात जनवरी 2010 से छह जनवरी 2011 तक पालिसी वैध थी। इसी दौरान 16 अगस्त 2010 को केसीसी धारक की मौत हो गई। किसान की मौत के बाद रीना सिंह पत्नी स्व. जय विजय सिंह ने बैंक शाखा से कई बार संपर्क करके क्लेम दिलाने की मांग की। क्लेम न मिलने पर आयोग का दरवाजा खटखटाया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम और सदस्य सुनीता मिश्रा ने सुनवाई करते हुए भारतीय एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दोषी करार दिया है। आयोग ने कंपनी को 50 हजार रुपये का भुगतान 45 दिन में करने के साथ ही आठ हजार रुपये क्षतिपूर्ति व दो हजार वाद व्यय देने का आदेश दिया है। 45 दिन में भुगतान न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।