रायबरेली। जिले के निजी अस्पतालों में एक-एक कर कई मरीजों की मौत और इलाज में लापरवाही उजागर होने के बाद नर्सिंगहोमों और पैथोलॉजी के लाइसेंसों के नवीनीकरण को रोक दिया गया है। 240 से अधिक चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के संचालकों ने लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, लेकिन सीएमओ ने डॉक्टरों के सत्यापन के बाद ही लाइसेंसों को नया करने का आदेश दिया है।
जिले में कागजों पर डॉक्टर दिखाकर मनमाने तरीके से संचालित कई निजी अस्पतालों की पोल पिछले एक माह में खुल गई है। बिना डॉक्टरों के पैथोलॉजी भी संचालित हो रही है। बीती 30 अप्रैल तक सभी चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के संचालकों को लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन के आदेश दिए गए थे। 240 से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
ऑनलाइन आवेदनों की जांच में तमाम खामियां पकड़ में आ रही हैं। कई चिकित्सकों ने कई नर्सिंगहोम में फुल टाइम ड्यूटी दिखाई है। तमाम चिकित्सकों का पता भी नहीं है, लेकिन उनके चिकित्सीय प्रमाणपत्र लगाकर लाइसेंस का नवीनीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले में सीएमओ ने सभी नर्सिंगहोम और पैथोलॉजी के संचालकों को संबंधित चिकित्सकों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। अन्य स्टाफ का भी सत्यापन कराना होगा। इसी के बाद लाइसेंस को नया किया जाएगाा। सीएमओ के निर्देश के बाद संचालकों में अफरातफरी का माहौल है, क्योंकि तमाम ऐसे चिकित्सक हैं जो कभी अस्पतालों में नहीं आते हैं।
लाइफकेयर पैथ लैब की होगी जांच
शहर के जोशियाना पुल स्थित लाइफ केयर पैथ लैब की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है कि चिकित्सक बाराबंकी में रहते हैं और पैथोलॉजी नहीं आते हैं। अप्रशिक्षित लोग ब्लड की जांच कर रहे हैं। मामले की जांच करने के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा। लापरवाही मिलने पर लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाएगा।
निजी नर्सिंगहोम और पैथोलॉजी संचालकों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। 30 अप्रैल तक नवीनीकरण के लिए आए ऑनलाइन आवेदनों में मानक पूरे करने वाले अस्पतालों व पैथोलॉजी के लाइसेंसों को ही नया किया जाएगा। मानक विहीन चिकित्सीय प्रतिष्ठानों को बंद कराया जाएगा।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ