लखनऊ। गोसाईंगंज के नूरपुर इलाके में बृहस्पतिवार रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद क्षेत्र में कई दिनों से भटक रहे तेंदुए को शुक्रवार तड़के पकड़ लिया गया। टनल के अंदर लगभग 25 मीटर भीतर बैठे तेंदुए को टीम ने एक ट्रैपिंग पिंजरे की मदद से फंसाया और उसे लखनऊ जू लेकर गई। जहां चिकित्सकों ने उसकी पड़ताल के बाद उसे स्वस्थ पाया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने के लिए शुक्रवार को ललितपुर के जंगलों की ओर रवाना कर दिया। डीएफओ अवध डॉ. रवि सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम को सूचना मिली थी कि गोसाईंगंज के नूरपुर इलाके में किसान पथ की एक पाइप टनल
के भीतर तेंदुआ छिपा बैठा है। पुलिस और जू टीम की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर चला। लखनऊ जू की टीम डॉ. बृजेंद्र के साथ डटी रही। पहले तेंदुए को सामान्य पिजड़े में फंसाने की योजना थी, लेकिन बाद में उसे यांत्रिक ट्रैपिंग पिजड़े में फंसाने की योजना पर काम किया गया। दूसरे बड़े पिजड़े को क्रेन की मदद से टनल के मुहाने पर रात 2 बजे से 2 घंटे के लिए लटका कर तेंदुए के फंसने का इंतजार किया गया। पिजड़े की भीतर एक शिकार दूसरे हिस्से में रखा हुआ था। इसलिए तेंदुआ करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद उस में जा फंसा। उसे अपनी जगह से लाने के लिए टनल के दूसरे मुहाने पर गोले भी दागे गए और शोरगुल भी मचाया गया। तेंदुआ रेस्क्यू कर शुक्रवार सुबह लखनऊ के चिकित्सालय पहुंचा दिया गया। ऑपरेशन में तेंदुआ और टीम के सभी साथी पूरी तरह सुरक्षित रहे। रेस्क्यू कर लखनऊ जू पहुंचे वयस्क नर तेंदुए को जो स्टाफ ने मुर्गे का गोश्त और पीने के लिए पानी दिया, लेकिन अचानक से बदले माहौल को देखते हुए तेंदुए ने पानी तो पीया लेकिन गोश्त नहीं खाया। निदेशक लखनऊ जू आरके सिंह ने बताया तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। तेंदुए को ललितपुर के बरौरा जंगलों में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का फैसला किया गया है। लखनऊ डीएफओ और जू के चिकित्सक डॉ.अशोक की अगुवाई में टीम ,उसे वहां लेकर जाएगी।
पिछले 2 महीने से इलाके में थी तेंदुए की मौजूदगी
फरवरी से ही गोमतीनगर, चिनहट, गोसाईगंज, गोमती नदी के आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी की आए दिन शिकायतें आ रही थीं। कभी ग्रामीणों को तेंदुए के पग मार्ग दिखते तो कभी तेंदुए के शिकार गोमतीनगर, चिनहट के इलाकों में मिले। टीम को इन इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी से कई निशान भी मिले। गोसाईगंज के कई इलाकों के अलावा सरोजनीनगर के इलाकों में एक अज्ञात हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी की चर्चा पिछले हफ्ते भर से थी। डीएफओ लखनऊ डॉ० रवि ने बताया हो सकता है पकड़ा गया तेंदुआ वही हो, जिसकी फरवरी से लगातार खोज की जा रही थी।