स्कूलों के कायाकल्प में खराब प्रगति पर सीडीओ ने की कार्रवाई
सात दिन में प्रगति में सुधार न लाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प में भी मनमानी की हद पार हो गई है। समीक्षा में डलमऊ और खीरों की प्रगति सबसे खराब मिलने पर दोनों ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा छह ब्लॉकों के एडीओ को कारण बताओ नोटिस देकर सात दिन में प्रगति में सुधार लाकर जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले के परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। सभी एडीओ पंचायत को स्कूलों का कायाकल्प कराकर शत-प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए गए हैं। ब्लॉक के अधिकारियों की सुस्ती के कारण स्कूलों के कायाकल्प का काम भी राम भरोसे चल रहा है। सीडीओ ने स्कूलों के कायाकल्प की समीक्षा की तो डलमऊ और खीरों के एडीओ की मनमानी उजागर हो गई है। सबसे खराब प्रगति मिलने पर एडीओ पंचायत डलमऊ कैलाश नाथ पटेल, प्रभारी एडीओ पंचायत खीरों अरविंद कुमार को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
इसके अलावा खराब प्रगति पर अमावां, दीनशाह गौरा, सतांव, राही, ऊंचाहार और सरेनी के एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इन ब्लॉकों के 70 स्कूलों में काम अधूरा है। सीडीओ ने एडीओ को सात दिन में प्रगति में सुधार लाकर जवाब देने के आदेश दिए हैं। प्रगति में सुधार न आने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एडीपीआरओ जितेंद्र सिंह का कहना है कि सीडीओ ने खीरों व डलमऊ के एडीओ पंचायत को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। छह एडीओ को कारण बताओ नोटिस देकर सात दिन में प्रगति में सुधार लाकर जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।