शहर के कुछ निजी अस्पताल भर्ती मरीजों से अलग से ऑक्सीजन शुल्क वसूल रहे हैं। इसके अलावा खून दिलाने के नाम पर भी तीमारदारों से मोटा शुल्क वसूला जा रहा है। एक निजी अस्पताल का ऐसा ही बिल-पर्चा एफएसडीए को मिला है, जिसके बाद शहर के निजी अस्पताल ड्रग विभाग के रडार पर आ गए हैं।
राजाबाजार स्थित एक निजी अस्पताल ने बिल की खातिर मरीज को रोक रखा था। तीमारदारों से ऑक्सीजन के नाम पर अलग से 14 हजार रुपये से अधिक वसूले गए। इसके अलावा एक यूनिट खून भी छह हजार रुपये में दिलाया गया। तीमारदार ने मरीज से जुड़े दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे, जिसके बाद हरकत में आए ड्रग विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
अहम बात यह है कि कॉरपोरेट हॉस्पिटल ऑक्सीजन का अलग से शुल्क नहीं लेते। इलाज की राशि में ही ऑक्सीजन की दर जुड़ी होती है। सहायक मंडल आयुक्त ड्रग बृजेश के मुताबिक, निजी ब्लड बैंक में खून की दर तय है। उस दर से अधिक कीमत पर खून बेचा जाना गलत है। ऑक्सीजन के लिए भी अलग से शुल्क लेने का नियम नहीं है।