एसटीएफ की कार्रवाई के बाद प्रदेश स्तर पर शुरू की गई जांच में 194 पेट्रोलपंपों पर तेल की चोरी का खुलासा हुआ था। इसमें अब तक 150 पेट्रोलपंप के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। इसमें 210 लोगों को नामजद किया गया है।
जबकि गिरफ्तारी सिर्फ 37 हुई है। पुलिस एफआईआर तो कर रही है लेकिन पेट्रोल चोरों को गिरफ्तार करने से बच रही है। जो गिरफ्तारियां हुई हैं उसमें भी ज्यादातर वह शुरुआती दिनों में एसटीएफ ने की थी। पहले तीन दिन में एसटीएफ और पुलिस ने मिलकर 24 लोगों को गिरफ्तार किया था।
उसके बाद जो गिरफ्तारियां हुईं वे पेट्रोल पंप के कर्मचारियों की है। आईजी कानून व्यवस्था हरिराम शर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल से शुरू हुई कार्रवाई में अब तक 15 चिप, 23 रिमोट, 12 डिस्पेंसिंग यूनिट के पल्सर और कलस्टर कार्ड और 1.83 लाख रुपये बरामद किए थे।
उन्होंने बताया कि अब तक सात पेट्रोल पंपों के लाइसेंस कैंसिल किए जा चुके हैं, सात के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 21 पेट्रोल पंप के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।