रायबरेली। लालगंज के एक नर्सिंगहोम में आंत के ऑपरेशन के बाद युवती की मौत के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश के बाद भी मनमानी करने के मामले में अपर निदेशक ने गंभीर रुख अपनाया है।
शनिवार के अंक में अमर उजाला में मुख्यमंत्री कार्यालय का आदेश नहीं मानता स्वास्थ्य विभाग शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीपी गुप्ता ने सीएमओ से जवाब मांगा है। जांच शुरू न करने वाले एसीएमओ और संबंधित नर्सिंगहोम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अपर निदेशक ने पूछा है कि आदेश के 12 दिन बाद भी जांंच क्यों शुरू नहीं की गई।
लालगंज क्षेत्र के कुर्मी सराय गांव के लछिमन ने पुत्री अलका (17) की लालगंज के ही पसियाखेड़ा स्थित एक नर्सिंगहोम में आंत के ऑपरेशन के बाद 27 अप्रैल को अलका की मौत हो गई। आरोप है कि एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार ने बिना जांच किए ही मामले को रफा दफा कर दिया था। शिकायत पर बीती नौ जून को मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी एनकेएस चौहान ने मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। पीडि़त पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए भी नहीं बुलाया गया। आरोप है कि अस्पताल संचालक से सेटिंग करके अधिकारी मामले को निपटाने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच करके कार्रवाई से संबंधित आदेश दिए जाने के बाद भी लापरवाही उचित नहीं है। सीएमओ से जवाब मांगा गया है। लापरवाही बरतने वाले संबंधितों और नर्सिंगहोम के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. जीपी गुप्ता, अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) लखनऊ