रायबरेली। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आतंकी कनेक्शन से चर्चा में आए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय यादव का सीधा जुड़ाव विकास भवन से भी रहा है। साहब लोगों के घर बराबर आना जाना रहा। यही कारण है कि उसने अपनी करीब 25 वर्ष की नौकरी का आधा समय छतोह ब्लॉक में ही गुजार दिया। बात जिले की करें तो वह यहां 1999 से तैनात है। करीब 12 वर्ष छतोह में तैनात रहने के बाद सलोन पहुंचते ही उसकी करतूत उजागर होने लगी।
पुलिस के अनुसार सलोन में प्रयागराज हाईवे के किनारे करीब 90 लाख का व्यावसायिक प्लॉट भी कुछ माह पहले ही पत्नी के नाम खरीदा है।संबंधित टीमें उसकी चल व अचल संपत्तियों को खंगालने में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी जीशान ने भी वीडीओ के साथ ही प्लॉट खरीदा है।
ऊंचाहार ब्लॉक के कोटरा बहादुरपुर निवासी वीडीओ विजय यादव को पहली तैनाती छतोह ब्लॉक में मिली। वर्ष 2005 तक काम करने के बाद उसे सरेनी ब्लॉक भेजा गया, जहां वह 2014 तक तैनात रहा। इसके बाद उसे रोहनियां ब्लॉक भेजा गया। 2016 तक काम करने के बाद दोबारा उसे छतोह ब्लॉक में तैनाती मिली। जून 2022 तक छतोह में रहने के बाद वह सलोन ब्लॉक में आ गया। ऐसे में छतोह ब्लॉक में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है।