लखनऊ। केसीसी की ऋण सीमा बढ़ाने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी फर्रुखाबाद के संकिशा स्थित यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी की जमानत अर्जी को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीश मोहन वर्मा ने खारिज कर दिया। कोर्ट में सीबीआई की ओर से बताया गया कि वादी स्वदेश कुमार की शिकायत पर सीबीआई ने नौ सितंबर को मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था की वादी केसीसी धारक हैं, जिसकी ऋण सीमा दो लाख 40 हजार रुपये है। इसे बढ़वाकर छह लाख करवाने के लिए वादी ने यूपी ग्रामीण बैंक में संपर्क किया। बैंक के शाखा प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी ने ऋण को बढ़ाने और अनुमोदित करने के लिए रिश्वत की मांग की। इस जानकारी पर सीबीआई ने 10 सितंबर को आरोपी प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी और उसके सहयोगी चंदन सिंह को गिरफ्तार किया था।