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Lucknow News: आखिरी तमाशा ने दिखाया कलाकार के भीतर का द्वंद्व

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आखिरी तमाशा ने दिखाया कलाकार के भीतर का द्वंद्व
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लखनऊ। मंच की चकाचौंध के पीछे छिपे कलाकार के संघर्ष, बेचैनी और भीतर चल रहे द्वंद्व को ''आखिरी तमाशा'' नाटक ने भावपूर्ण ढंग से सामने रखा। शनिवार को महात्मा गांधी मार्ग के विश्वेश्वरैया हॉल में एसएसएस फाउंडेशन की ओर से नाट्य रचनाकार सत्यम प्रकाश सिंह की नाट्यकृति का मंचन हुआ। इसका निर्देशन सत्यम प्रताप सिंह ने किया। नाटक की कहानी ऐसे कलाकार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो तमाशे की रंगीन दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश में धीरे-धीरे अपने विचारों, रिश्तों और हकीकत से टकराता है। मंच पर दिखाई देने वाली चमक के पीछे उसका संघर्ष और मानसिक बेचैनी दर्शकों को महसूस हुई। रघु की भूमिका में सत्यम प्रकाश सिंह, झिलमिल में आयुषी गुप्ता, तवायफ में जारा हयात, मिर्जा गालिब में अरुण कुमार विश्वकर्मा, साया में जय ठाकुर, दादू में संजय शर्मा और कव्वाल की भूमिका में हर्ष शुक्ला ने शानदार अभिनय किया।
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