बात 1991 के चुनाव की है। अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे। वह प्रचार के लिए गांव-गांव जा रहे थे। लोकसभा व विधानसभा के चुनाव साथ हो रहे थे। प्रदेश में विधानसभा का चुनाव लड़ रहे गैर भाजपा दलों के उम्मीदवार प्रचार कर रहे थे, ‘ऊपर अटल नीचे अपन।’ मतलब-ऊपर यानी लोकसभा के लिए तो अटल जी को वोट दे दो लेकिन नीचे यानी विधानसभा चुनाव में हमें वोट दो, क्योंकि हम आपके बीच के हैं। अटल जी को किसी ने यह बात बताई।
वह कुम्हरावां की सभा में बोले, ऐसा न करना कि कुर्ता पहनाकर भेज दो और पायजामा पहनाना भूल जाओ। सिर्फ हमें जिताकर भेज दो और विधानसभा का चुनाव लड़ रहे भाजपा के उम्मीदवारों को भूल जाओ। चुनाव में अटल भी जीत गए और भाजपा के विधानसभा के भी ज्यादातर उम्मीदवार। प्रदेश में सरकार भी बन गई लेकिन उत्तर प्रदेश से अच्छी संख्या में सीटें जीतने के बावजूद भाजपा केंद्र में सरकार न बना सकी। जीतने के बाद पहली बार अटल जी लखनऊ आए थे। एक कार्यक्रम में चुटकी लेते हुए बोले, मैंने कहा था कि कुर्ता के साथ पायजामा पहनाना न भूल जाना। लोगों ने पायजामा तो पहना दिया लेकिन कुर्ता ही भूल गए।