रायबरेली। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुले हुए एक हफ्ता बीत गया है, लेकिन व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी है। खासतौर से बच्चों की उपस्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। विशेष निरीक्षण अभियान के नाम पर जिले से लेकर ब्लाक तक के अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं, लेकिन बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। औसत उपस्थिति 50 फीसदी से अधिक होनी चाहिए, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में 30 से 35 फीसदी बच्चे ही आ रहे हैं। बगैर किसी सूचना के शिक्षकों के गैरहाजिर रहने की शिकायतें भी मिलती रहती हैं। सोमवार को निरीक्षण में पांच शिक्षक अनुपस्थित पाए गए।
जिले में 2300 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जहां लगभग ढाई लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। पठन-पाठन के साथ ही स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगभग सात हजार शिक्षक, करीब दो हजार शिक्षा मित्र और पांच सौ से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं। ग्रीष्मावकाश के बाद एक हफ्ते पहले स्कूल खुले, लेकिन हर जगह व्यवस्था नजर आई। बच्चों की उपस्थिति भी औसतन 15 से 20 फीसदी रही।
एक हफ्ते बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। सुधार के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सोमवार को भी बीएसए समेत कई बीईओ और डीसी ने निरीक्षण किए। जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज होती है। लगभग 60 स्कूलों का निरीक्षण हुआ। इस दौरान पांच शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। प्रेरणा पोर्टल की समीक्षा के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई आदेश जारी होगा।
ऊंचाहार। निरीक्षण के दौरान बच्चों की कम उपस्थिति मिलने पर बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय को तुरंत नोटिस थमाते हुए जवाब तलाब किया है। सोमवार को बीएसए ने ब्लाक क्षेत्र के कई स्कूलों की हकीकत देखी। प्राथमिक विद्यालय नजनपुर में 51 में से 22 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय बाहरपुर में 53 में से 25, उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनापुर में 141 में से 83, प्राइमरी स्कूल सरायं तुलाराम में 87 में से 56 बच्चे उपस्थित रहे। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों से बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा। प्राइमरी स्कूल सरायं तुलाराम में स्कूल चलो और संचारी रोग नियंत्रण के तहत निकाली गई रैली में भी बीएसए ने भाग लिया। बच्चों ने जहां ग्रामीणों को जागरूक किया, वहां बीएसए ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की बात कही। इस मौके पर बीईओ अरविंद कुमार सिंह, एआरपी शैलेंद्र पांडेय, अतीश कुमार, अश्वनी शुक्ल मौजूद रहे।