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श्रावस्ती : किशोरी से दुष्कर्म कर हत्या करने वाले को फांसी व चार लाख का जुर्माना, घटना के बाद छिपाया था लाश

Tue, 17 Oct 2023 08:06 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती

सार

श्रावस्ती जिले में हुई एक दरिंदगी की वारदात में आरोपी की मां-बहन ने भी उसके खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने सिर्फ चार महीने में ही आरोपी को फांसी की सजा और अर्थदंड दिया है।
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जिला एवं सत्र न्यायालय, श्रावस्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रावस्ती जिले में गिलौला थाना क्षेत्र के रामपुरपैड़ा में किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। जिसका शव मिर्चिहा गांव के निकट नहर किनारे झाडिय़ों में छिपाया गया था। साढ़े चार माह में ही मंगलवार को इस मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश क्राईम अगेंस्ट वूमेन ने आरोपी को फांसी के साथ चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया।

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गिलौला थाना क्षेत्र के रामपुर पैड़ा निवासी राममोहन पाठक की पुत्री स्तुति उर्फ शालू (12) का तीन जून 2023 को गांव के ही शील कुमार पाठक ने अपहरण कर लिया था। जिसे सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दिया। इसके बाद शव को बोरे में रख बहराइच के थाना पयागपुर अंतर्गत मिर्चिहा गांव के पास सरयू नहर के बाई पटरी के किनारे झाडिय़ों में छिपा दिया था। 

किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने शील कुमार पाठक पर मामला दर्ज कर न्यायालय पर आरोप पत्र भेजा था। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश( क्राईम अगेंस्ट वूमेन) करुणा सिंह की अदालत पर किया जा रहा था। इस मामलें में अभियोजन पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सत्येंद्र बहादुर सिंह व विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) रोहित गुप्ता कर रहे थे। सुनवाई के दौरान जिनकी ओर से सोलह गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान व अभियोजन की दलीलों के बाद एडीजे ने आरोपी शील कुमार को फांसी के साथ चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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न्यायालय में जब मामले की सुनवाई की जा रही थी। उस समय आरोपी की मां व उसकी पत्नी ने भी उसके खिलाफ गवाही दी थी। जिसे भी न्यायालय ने गंभीरता से लिया था।

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माता पिता ने न्याय पर जताया भरोसा
रामपुर पैड़ा निवासी स्तुति उर्फ शालू हत्याकांड में मंगलवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश( क्राईम अगेंस्ट वूमेन) करुणा सिंह ने सजा सुनाने से पूर्व मृतका की माता उमा पाठक व पिता राममोहन पाठक से कोर्ट रूम में बुलाया। जहां उनसे पूछा कि आप कुछ कहना चाहते हैं। इस पर दंपत्ति ने न्याय पर भरोसा जताते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाने की मांग किया। इसके कुछ ही पल बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश( क्राईम अगेंस्ट वूमेन) ने अपने सौ पेज का फैसला सुनाया। जिसमें आरोपी को फांसी की सजा दी गई।
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पुलिस के सामने कबूला था गुनाह
जांच के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया था कि उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती थी। इस कारण से उसका पत्नी के साथ शारीरिक संबंध स्थापित नहीं हो पा रहा था। मृतका उसके घर आती जाती थी। घटना के पूर्व मैंने इसको कई बार छेड़ा था। इसने विरोध नहीं किया था। इसलिए आज मैंने इसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए घर खाली किया । घटना वाले दिन सुबह 9:00 बजे मेरे पिताजी पैसों के लिए दूसरे गांव गए हुए थे। मैंने अपने पत्नी बच्चों तथा मां को पचदेवरा मंदिर छोड़ आया था । मृतका से जबरदस्ती बलात्कार करने के बाद,मृतका ने सबको बता देने की बात कही। इसलिए उसने उसका मुंह व नाक दबाकर उसकी हत्या कर दी। मृतका ने अपने बचने का बहुत प्रयास किया था।

पश्चिम बंगाल से मां के साथ आया था आरोपी
रामपुर पैडा के ग्रामीणों की माने तो रामफेरन की पत्नी की मौत कई वर्ष पूर्व हो गई थी। जिसके बाद वर्ष 2005 में राम फेरन डाकिया पश्चिम बंगाल से एक महिला को लाकर अपना घर बसाया था। उस महिला के साथ उसका पांच वर्षीय पुत्र आरोपी शील कुमार भी आया था। जिसने तीन जून 2023 को आपने ही पड़ोसी की कक्षा छह की छात्रा का अपहरण कर न सिर्फ उसे अपनी हवस का शिकार बनाया बल्कि उसकी हत्या कर लाश को छिपा दिया। जिसे मंगलवार न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाया। 

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