वीडियो कॉल पर दुबई से बात करते फहद के पिता फरीद।
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लखनऊ। फहद ने फिरदौस की कोख से जन्म जरूर लिया था, मगर मैं उसे अपने बेटे से अधिक प्यार करती थी। वह मेरा लख्ते जिगर था। मुझे छोड़ कर चला गया। अब मैं कैसे रहूंगी....ये सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि पीड़ा थी, जो कैसरबाग के शंकरपुरी कॉलोनी निवासी फहद की ताई कमरुनिशा के रुंधे गले से निकल रही थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे घर के पास शंकरपुरी काॅलोनी पार्क में रखे ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से सात वर्ष के फहद की मौत हो गई। फहद का शव घर पहुंचते ही मां फिरदौस गश खाकर जमीन पर गिर गईं। ताई लाडले की मौत की खबर दुबई में काम कर रहे उसके पिता फरीद को देने की हिम्मत न जुटा सकीं। लोगों ने उन्हें ढाढ़स बंधाया तो कमरुनिशा ने कांपते हुए फरीद को वीडियो कॉल किया। लोगों ने जैसे ही फहद के चेहरे से कपड़ा हटाया तो पिता के हाथ से मोबाइल छूट कर गिर गया। कुछ देर फूट-फूट कर रोने के बाद उन्होंने खुद को संभाला। कहा, वो घर के लिए निकल रहे हैं। फहद का शव देख पड़ोसी भी अपने आंसुओं को न रोक सके। मोहल्ले में सन्नाटे के बीच फहद के घरवालों की चीत्कार दीवारों से टकराकर कानों में गूंजती रही।