इंटर के छात्र आकाश की बड़ी ही बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। उसके शरीर पर चाकू से वार के 12 निशान मिले हैं। सिर से लेकर सीने तक चोट ही चोट मिली है। आरोपियों ने आकाश पर तब तक वार किया जब तक वह खून से लथपथ होकर गिर नहीं गया।
आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में के सिर, दाहिने हाथ के पंजे, बाएं कंधे, सीने के दाहिने तरफ, गर्दन, गाल सहित 12 चोट के निशान पाए गए हैं। घटना के चश्मदीद आकाश के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अभय और देवांश चाकू अपनी शर्ट के पिछले भाग में छुपाकर लेकर आए थे। कमरे पहुंचते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और तोड़फोड़ करते हुए आकाश पर हमला कर दिया।
आकाश के साथी जय को भी चाकू लेकर दौड़ा
घटना के वक्त कमरे में मौजूद आकाश के साथी जय ने उसको बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने आकाश पर हमले करने के बाद जय पर भी हमला करने का प्रयास किया। आरोपियों ने चाकू लेकर उसको दौड़ा लिया। खुद को बचाने के लिए जय कमरे से बाहर भागा और पास में ही रेलवे क्रासिंग के पास बने रेलवे केबिन में घुस गया। इस तरह आकाश के साथी जय ने आरोपियों से अपनी जान बचाई।
बेटे का इंतजार करते-करते सो गए माता-पिता, सुबह पांच बजे दोस्त ने बताई घटना
आकाश के पिता जगदीश के अनुसार पार्टी में जाने की बात कहकर निकला आकाश जब काफी देर घर नहीं लौटा तो मां राधा देवी ने रात एक बजे उसको फोन किया। आकाश ने फोन उठाया और बताया कि वह जय के साथ है, दस मिनट में वह घर पहुंच रहा है। इसके बाद जगदीश और राधा की बेटा आकाश का इंतजार करते-करते आंख लग गई। सुबह पांच बजे उनकी आंख खुली। उसी वक्त जय उनके घर पहुंचा और सारी बात उन लोगों को बताई। जगदीश और अन्य लोग जब ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो पता चला कि आकाश की मौत हो चुकी है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता बेसुध हो गए। आकाश की हत्या के चलते पूरे परिवार पर गमों को पहाड़ टूट पड़ा है।
सात दिन बाद था आकाश का जन्मदिन, पिता ने बाइक दिलाने का किया था वादा
इंटर के छात्र आकाश के परिवार में पिता जगदीश, बाबा राधा देवी के अलावा दो बड़े भाई विकास और लकी है। सबसे छोटा होने की वजह से आकाश सबका लाड़ला था। परिजनों ने बताया कि 24 जून को उसका जन्मदिन है। पिता जगदीश ने इस बार उसको जन्मदिन पर बाइक दिलाने का वादा किया था।