लखनऊ में गोमतीनगर के अंबेडकर उद्यान चौराहे पर शनिवार रात तीन बजे सार्थक पहवा (23) की कार 100 की रफ्तार से यूनीपोल में टकरा गई। वह जन्मदिन की पार्टी मनाकर घर जा रहा था। टक्कर के बाद कार 50 मीटर तक छह बार पलटती चली गई। हादसे में सार्थक की मौत हो गई, जबकि बगल की सीट पर बैठी युवती को खरोंच नहीं आई। वह कार का गेट खोलकर बाहर निकल गई। इकलौते बेटे मौत की सूचना पर घर में मातम पसर गया।
सार्थक पहवा निरालानगर निवासी टायर कारोबारी रमन पहवा का बेटा था। कारोबारी की सीतापुर रोड पर शिल्पी ट्रेडर्स के नाम से दुकान है। शनिवार को सार्थक अपने दोस्त की कार लेकर गोमतीनगर इलाके में जन्मदिन की पार्टी मनाने गया था। लौटते वक्त रात करीब तीन बजे उसकी कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर लगे यूनीपोल से टकरा गई। यूनीपोल टूटकर गिर गया और कार डिवाइडर में फंस गई। पुलिस ने सार्थक को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि शनिवार को सार्थक का जन्मदिन था। उसने हाल ही में मुंबई के एक निजी संस्थान से बीबीए की पढ़ाई पूरी की थी, जबकि उसकी बहन खुशी भी मुंबई में पढ़ाई कर रही है। हादसे के वक्त कार में युवक की अनन्या नाम की एक दोस्त भी बैठी थी। वह जानकीपुरम की रहने वाली है।
डिवाइडर से सटे सौ की रफ्तार से दौड़ाई कार
हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। चौराहे के पास डिवाइडर में मोड़ और यूनीपोल का कुछ हिस्सा निकला हुआ था, जिसे युवक नहीं देख सका और रफ्तार अधिक होने के कारण कार टकराकर पलटती चली गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने युवती से पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ समझ ही नहीं आया हादसा कैसे हुआ और उसकी जान कैसे बच गई। हादसे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी।