माई सिटी रिपोर्टरलखनऊ। क्षेत्रीय प्रबंधक को हटाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से शुरू हुई परिवहन निगम के चालक-परिचालकों की हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। प्रबंध निदेशक से वार्ता और हड़ताल में शामिल 36 कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने के आश्वासन पर हड़ताल वापस ली गई। मगर इससे पहले शाम तक सभी बस स्टैंडों से बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। करीब एक हजार बसें स्टैंडों पर ही खड़ी रहीं। इससे लगभग 70 हजार हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम को बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को कुछ राहत मिली।
बृहस्पतिवार को तो सिर्फ चारबाग और कैसरबाग के एसी बस चालकों-परिचालकों ने हड़ताल की थी। मगर प्रशासन ने सख्ती की तो शुक्रवार को आलमबाग, कैसरबाग, चारबाग और अवध अड्डे से चलने वाली बसों का भी कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। ऐसे में साधारण बसों के भी पहिये थम गए। सरकारी बसें बंद होने से यात्रियों को प्राइवेट बसों या किराए पर महंगी कार लेकर जाना पड़ा। दो दिन की हड़ताल से परिवहन निगम को राजस्व का भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर ने चालक परिचालकों की ड्यूटी को लेकर नई व्यवस्था लागू की है, जिसे लेकर ड्राइवर-कंडक्टरों ने हड़ताल कर बसों का चक्का जाम कर दिया था।
अमौसी में परिवहन निगम डिपो पर कर्मचारियों ने काम ठप कर प्रदर्शन किया। जिससे बाराबंकी, रायबरेली, दिल्ली, मेरठ, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, रायबरेली, कानपुर, सीतापुर, बरेली, फतेहपुर, गोरखपुर, बाराबंकी, झांसी, आजमगढ़, गाजीपुर आदि जाने वाले यात्रियों के लिए मुसीबत हो गई। परिवहन निगम के अफसर भी सकते में आ गए, जिसके बाद कर्मचारियों को मनाने की कोशिश हुई और अपर प्रबंध निदेशक अन्नपूर्णा गर्ग ने परिवहन निगम मुख्यालय में कर्मचारी नेताओं से बात की।
तय हुआ कि जिन 36 कर्मचारियों को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है, वह वापस लिया जाएगा। सोमवार को प्रबंध निदेशक से उनकी वार्ता कराई जाएगी। क्षेत्रीय प्रबंधक को हटाए जाने का निर्णय वही ले सकते हैं। इस दौरान परिवहन निगम संविदा कर्मचारी संघर्ष यूनियन के महामंत्री कन्हैया पांडेय, संयोजक जमाल अहमद, श्रमिक समाज संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामराज विश्वकर्मा मौजूद रहे। वार्ता के बाद शाम करीब पांच बजे कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।
इन मांगों को लेकर हुआ चक्का जाम :
क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर को हटाया जाए।
पहले की तरह डीडीआर दिया जाए और 250 किमी का नियम समाप्त हो।
चालक-परिचालक को आठ से दस घंटा बिना समय-सारिणी के बस अड्डों पर रोकना।
विश्राम के नाम पर प्रताड़ित न किया जाए।
किराया बढ़ने से यात्रियों की कमी, लोड फैक्टर के नाम पर शोषण न किया जाए।
यात्रियों की शिकायतों की बिना जांच चालक-परिचालक का उत्पीड़न न हो।
स्पेयर पार्ट्स की कमी दूर कर बसों की मरम्मत कराई जाए।
कर्मचारियों का दुर्घटना बीमा निर्धारित किया जाए।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जाए।
खाली पदों को भरा जाए।