परिषदीय स्कूलों के लिए हुई 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए गलत प्रश्न के एवज में अंकों का लाभ सभी अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मामले अपील करने वाले अभ्यर्थियों को ही इसका लाभ दिया जाएगा। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि इसका लाभ अपील न करने वाले सभी अभ्यर्थियों को भी मिलना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा के बाद अब मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। अभ्यर्थी रामकुमार के अनुसार मामले में न्यायालय ने सीरीज डी के प्रश्न संख्या 143 सभी विकल्पों को गलत माना है। साथ ही अभ्यर्थियों को इसके अंक देने के लिए कहा गया है। ऐसे में सिर्फ याचिका दर्ज करने वालों को ही लाभ देना अन्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
वहीं, अभ्यर्थियों द्वारा उठाई जा रही मांग पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अदालत ने खुद स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके तहत मुख्य रूप से याचियों को लाभ दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थी प्रभावित नहीं होंगे। वहीं यदि गलत पूछे गए प्रश्न का जो सही उत्तर तय किया गया था, उसे अभ्यर्थी ने हल करके अंक प्राप्त कर लिया है तो उसे अलग से अंक देने का कोई औचित्य नहीं। इसके अलावा यदि कोई अभ्यर्थी अंक लाभ न मिलने से चयनित नहीं हो पा रहो तो वह अपनी बात रखे। इस प्रकरण में ढाई से तीन हजार के बीच याचिकाकर्ता हैं।