लखनऊ। केंद्रीय गृहमंत्री का निजी सचिव बन प्रॉपर्टी डीलर व उनके भाई से 85 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह ने दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम को भी पैरोल दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये का चूना लगाया था। ये गिरोह राजस्थान, यूपी, झारखंड, बिहार व अन्य कई राज्यों में 500 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। अब लखनऊ पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में है।
सूत्रों के मुताबिक जून 2019 में राजस्थान पुलिस ने नितिन और शिखा को गिरफ्तार किया था। तब खुलासा हुआ था कि नितिन ने जेल में बंद आसाराम को पैरोल दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये ठगे थे। उसने चार बार जेल में जाकर आसाराम से मुलाकात भी की थी। खुद को कानून मंत्रालय का सलाहकार बताकर ये खेल किया था।
अब लखनऊ पुलिस आरोपियों को तलाश रही है। पुलिस ने गाजियाबाद व अलीगढ़ में कई जगह दबिश दी है। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा कि गिरोह ने कहां-कहां और कितनी रकम की ठगी की है।
शातिर ठगों का ये गिरोह 2014 से सक्रिय है। राजस्थान, दिल्ली और जमशेदपुर की पुलिस आरोपी दंपती को जेल भेज चुकी है। दंपती ने जमशेदपुर में 13 लोगों को नौकरी के नाम पर ठगा था। वहां पर नितिन ने खुद को केंद्रीय कानून मंत्रालय का प्रधान सलाहकार बताया था। आरोपी कई बार जेल गए और जमानत पर छूटे मगर ठगी का खेल नहीं छोड़ा।
सूत्रों के मुताबिक ठगी दंपती के संपर्क में कई नेता व अफसरों से भी हैं। कई विभागों में भी अच्छी पैठ है। जिसकी बदौलत इन लोगों ने कई बड़ी डील भी कराई हैं। पूर्व में जब भी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो उक्त तथ्य सामने भी आए मगर जांच एजेंसी व पुलिस ऊपर के लोगों तक नहीं पहुंची।
ये है मामला
गोमतीनगर निवासी आशीष कोहली और उनके भाई गोल्डी का एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में केस चल रहा है। जिसका स्टे खारिज कराने के नाम पर गाजियाबाद निवासी नितिन गुप्ता व उसकी पत्नी शिखा गुप्ता ने आशीष से संपर्क किया था। इसके लिए उनसे 12 लाख रुपये लिए थे। फिर भारत सरकार से उनके एनजीओ को 180 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर भी 20 लाख ठग लिए। नितिन ने अपने साथी वरुण चौहान, रवि चौहान, कविता चौहान, देवेंद्र सिंह, विवेक, वैभव के साथ मिलकर 53 लाख रुपये और हड़प लिए थे। मामले में आशीष ने गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।