लखनऊ। अगर आपको घर बैठे सिर्फ कुछ लाइक या सब्सक्राइब जैसे टास्क का काम देकर कमाई होने के लालच भरे मैसेज मिल रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है।
गुडंबा से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने घर बैठे कमाई का लालच देकर दो पीड़ितों से करीब 43 लाख रुपये ठग लिए।
गुडंबा के कल्याणपुर स्थित प्रगति विहार में सुधींद्र प्रताप सिंह परिवार के साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर ग्लोबल एम्पायर काॅरपोरेशन कंपनी के नाम से मैसेज आया।
इसमें घर बैठे इंस्टाग्राम पर टास्क का झांसा देकर करीब 30 हजार रुपये कमाने का झांसा दिया गया। बातों में फंसाकर टेलीग्राम ग्रुप पर एड कराया गया और फिर टास्क पूरा करने पर करीब 3200 रुपये भी दिए गए।
इसके बाद जालसाजों ने कई टास्क के नाम पर 31.80 लाख रुपये जमा कराए। साथ ही टैक्स, सिक्योरिटी, पेमेंट पेनल्टी समेत अन्य मद के नाम पर 9.25 लाख रुपये ऐंठ लिए।
इस तरह से जालसाज ने 4 लाख की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। इसके अलावा मड़ियांव के श्रीनगर कॉलोनी निवासी रूपेश कुमार का खाता भारतीय स्टेट बैंक में है। कुछ दिन पहले टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर जालसाजों ने कई बार में 2,06,264 रुपये ऐंठ लिए।
लिंक भेजकर खाते से 52 हजार उड़ाए
वृंदावन योजना नीलगिरी एन्क्लेव में रिटायर सरकारी कर्मी सिद्धनाथ चक्रवर्ती ने प्लॉट बेचने के लिए एक विज्ञापन मैजिक ब्रिक्स साइट पर अपलोड किया था। एड के लिए 2479 रुपये ऑनलाइन जमा किया, पर भुगतान निरस्त होने का मैसेज आ गया। फिर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना परिचय मैजिक ब्रिक्स कंपनी कर्मी आनंद के रूप में दिया और लिंक भेजा। दो दिन बाद पीड़ित ने पासबुक अपडेट कराई। पता चला कि खाते से दो बार में मैजिक ब्रिक्स पर रुपए ट्रांसफर हुए थे। मैजिक ब्रिक्स के कस्टमर केयर पर कॉल की। जालसाज ने बातों में फंसाकर एक एप डाउनलोड कराया और दो खातों से 52 हजार रुपये पार कर दिए। इसके अलावा राजाजीपुरम सेक्टर-1 निवासी 65 वर्षीय दीपक कुमार बनर्जी के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 75 हजार रुपये पार कर दिए। बीबीडी के सनब्रिज अपार्टमेंट में विवेक के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बचत खाते से 83,999 रुपये गायब कर दिए।