लखनऊ। आईसीयू-वेंटिलेटर में भर्ती मरीजों में से करीब 40 फीसदी को संक्रमण का खतरा रहता है। इससे बचाने में डॉक्टरों के साथ तीमारदार व सहयोगी स्टाफ की भूमिका अहम रहती है। पीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ओर से आयोजित क्रिटिकांन-2024 में डॉ. तन्यम घटक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
डॉ. घटक ने कहा, आईसीयू में भर्ती मरीज को छूने से पहले साबुन से हाथ धोएं। यह नियम सभी पर लागू है। इसका पालन न करने पर मरीजों को वेंटिलेटर एसोसिएटेड निमोनिया, सेंट्रल लाइन एसोसिएटेड इंफेक्शन, यूटीआई हो जाता है। इससे अस्पताल में ज्यादा दिन भर्ती रखना पड़ता है। बताया कि मरीज के बेड का सिरहाना 30 डिग्री तक ऊंचा होना चाहिए। कार्यशाला में 600 से अधिक डॉक्टर व छात्र-छात्राओं ने संक्रमण से बचाव के तरीके सीखे।