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कोरोना से लड़ने के लिए 300 दंत चिकित्सक तैयार

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लखनऊ। कोरोना मरीजों के इलाज में दंत चिकित्सक भी योगदान देंगे। करीब 300 से अधिक डॉक्टर इसके लिए तैयार हो गए हैं। केजीएमयू की टीम प्रशिक्षित कर रही है। शुक्रवार से प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हो गई है। भारतीय दंत चिकित्सा परिषद ने कोराना मरीजों के इलाज में दंत चिकित्सकों को भी शामिल करने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत तय किया गया है कि दंत चिकित्सकों को इलाज के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के तहत नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन ने डेंटल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें प्रदेश के करीब 300 डॉक्टरों को जोड़ा गया है। इन डॉक्टरों को शुक्रवार से प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए केजीएमयू कुलपति डॉ. एमलबी भट्ट ने कहा कि कोराना से लड़ाई में हर व्यक्ति को योगदान देना होगा। कोरोना के मरीजों के सैंपल लेने में खास तौर से सावधानी बरतने की जरूरत होती है। दंत चिकित्सक इन सावधानियों पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं। क्योंकि वह नियमित तौर पर मुंह से जुड़ी बीमारियों के इलाज में लगे रहते हैं। हर जिले में बनाई जा रही डॉक्टराें की टीम टास्क फोर्स के नोडल ऑफिसर डॉ. कपिल देव शर्मा ने बताया कि हर जिले में नेशनल मेडिकल ऑर्गनाइजेशन डॉक्टरों की एक टास्क फोर्स गठित कर रहा है। जिसकी सूची प्रशिक्षण देने के उपरांत उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय दंत चिकित्सा परिषद को सौंपी जाएगी। जरूरत पड़ने पर वे सभी कोविड-19 से लड़ने में सहायता कर सकें। मरीजों को इलाज उपलब्ध करा सकें। इस दौरान केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, दंत संकाय के डीन डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. केके अग्रवाल, डॉ. अंजनी, डॉ. विभा सिंह, डॉ. नीरज मिश्रा, डॉ. राकेश यादव, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. अल्का चौहान और डॉ. अभिषेक पांडेय मौजूद रहे।
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