सरसों, चना और मटर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
गन्ने की फसल को फायदा, अफसर बोले कराया जाएगा सर्वे
फोटो संख्या 17
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कभी हल्की धूप तो कभी बादल छा जाते हैं। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही हैं। सोमवार को तड़के बारिश और हवा चलने से करीब 300 बीघे से ज्यादा फसल गिर गई। बारिश से सरसों, चना और मटर की फसल को भी नुकसान हुआ है, क्योंकि यह फसलें तैयार हो गई हैं। कहीं पर मड़ाई के लिए किसान फसल काटकर खलिहान में लगाए हैं। आम की फसल को भी नुकसान हुआ है, क्योंकि बारिश और हवा चलने से बौर झड़ गए हैं।
वैसे तो मौसम में उतार चढ़ाव शुक्रवार से ही था, शनिवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। आसमान में काले बादल छाए रहे। रविवार की शाम से हवा चली। सोमवार तड़के करीब चार बजे हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में बारिश हुई। हवा चलने से गेहूूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ। राही ब्लॉक क्षेत्र के खनुवा गांव निवासी रामसेवक, अजय कुमार ने बताया कि बारिश व हवा के चलते फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में कटी पड़ी सरसों, चना की फसल भीग गई।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में हवा व बारिश के कारण क्षेत्र में गेहूूं की फसल गिर गई। घुरवारा निवासी जंग बहादुर, राजकुमार, नरेंद्रपुर गांव निवासी ने बताया कि तेज हवा और बारिश के चलते गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। उधर, जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि बारिश हल्की हुई है। हवा की रफ्तार भी कम थी। फसलों को नुकसान तो हुआ है, लेकिन सर्वे करके पता लगाया जाएगा कि फसलों का कितना नुकसान हुआ।
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बेमौसम बारिश से आम की फसल को नुकसान
बेमौसम बारिश से आम की फसल को 20 से 30 फीसदी नुकसान हुआ है, क्योंकि इस समय फूल बनने के बाद दाना बनना शुरू होता है। ऐसे में बारिश से फूल झड़ जाते हैं। यदि और बारिश होती है तो आम की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। बारिश के बाद फंफूद, कीटनाशक का प्रकोप बढ़ जाता है।
-डॉ. एसबी सिंह, उद्यान वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर