उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए एक मई 2023 को बिजली मित्र पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर कोई भी शिकायत कर सकता है। इन शिकायतों के आधार पर 26 जून तक 2800 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं।
प्रदेश में बिजली मित्रों के जरिए चोरी के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। करीब दो माह में करीब 2800 मामले पकड़े गए हैं। ये मामले लखनऊ, फर्रुखाबाद, रामपुर सहित विभिन्न जिलों में पकड़े गए हैं।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए एक मई 2023 को बिजली मित्र पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर कोई भी शिकायत कर सकता है। इन शिकायतों के आधार पर 26 जून तक 2800 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं। बिजली चोरी करने वालों पर एफआईआर के साथ ही राजस्व निर्धारण भी किया गया है। लखनऊ में जेसी गेस्ट हाउस में 51 किलोवाट और अलीगंज में 26 किलोवाट की चोरी पकड़ी गई।
इसी तरह, फर्रुखाबाद में 23 किलोवाट की, एटा में 17 किलोवाट तथा रामपुर में 15 किलोवाट की बड़ी चोरी बिजली मित्र के माध्यम से पकड़ी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने बताया की शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही हो रही है। बिजली चोरी रोकने में सहायता मिल रही है। अध्यक्ष ने जनता से अपील की है कि बिजली चोरी रोक कर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कारपोरेधन के इस प्रयास में सहयोग करें। साथ ही भेजी गई सूचना में चोरी किए जा रहे परिसर का सही पता लिखें।
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बिना पहचान बताए कर सकते हैं शिकायत
अध्यक्ष एम देवराज ने बताया कि अभी तक यूपी पावर कारपोरेशन की वेबसाइट में उपलब्ध लिंक एवं चैट बोट पर विद्युत चोरी से संबंधी शिकायतें की जा सकती थी, लेकिन इसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, डिस्काम का नाम तथा सबस्टेशन की जानकारी ली जाती थी। इसके कारण लोग शिकायत करने में असहज महसूस करते थे। शिकायतकर्ता की इन असुविधाओं को दूर करने एवं उसकी गोपनीयता बनाए रखते हुए बिजली चोरी का पता लगाने के लिए यह पोर्टल बनाया गया है। शिकायतकर्ता अब विद्युत चोर का पता बताने के लिए कारपोरेशन की वेबसाइट www.upenergy.in के होमपेज पर जाकर बिजली मित्र लिंक bijlimitra.uppcl.org का इस्तेमाल करके सूचना दे सकता है। शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, मोबाइल नं., अकाउंट नं., पता बताने की जरूरत नहीं है।