केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की पैथोलॉजी में अब 24 घंटे पैथोलॉजिस्ट रहेंगे। पैथोलॉजी की अव्यवस्था को सुधारने के लिए कुलपति प्रो. रविकांत ने ये निर्देश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट में लगातार शिकायतें उन्हें मिल रहीं थी, इसीलिए बुधवार रात से उन्होंने एक फैकल्टी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
ट्रॉमा सेंटर की सेवाओं को निजी हाथों में देने की योजना को झटका लगा है।
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लगातार इन प्रयासों में थी कि चहेतों को पैथोलॉजी सेवाएं मिल जाएं।
इसी के तहत मेडिसिन आईसीयू की पैथोलॉजी को निजी हाथों में दे दिया गया है।
बीते दिनों ट्रॉमा सेंटर की पैथोलॉजी को भी निजी हाथों में देने की कवायद की जा रही थी।
इसके लिए दो दिन पहले भी बैठक हुई थी लेकिन इस कवायद को कुलपति के एक आदेश से झटका लग गया है।
कुलपति ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की पैथोलॉजी के बारे में लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं।
जांच में पता चला कि सुपरविजन न होने के कारण ही वहां अनियमितताएं थीं।
इसीलिए पैथोलॉजी विभाग के एक-एक चिकित्सक को राउंड द क्लॉक वहां रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पैथोलॉजी की सेवाएं सुधरेंगी। ट्रॉमा सेंटर की पैथोलॉजी केजीएमयू ही चलाएगा।
कुलपति के निर्देश के बाद पैथोलॉजी की मशीनों और संसाधनों को दुरुस्त किया जा रहा है।
उधर, इस आदेश के बाद से पैथोलॉजी विभाग के चिकित्सकों में हड़कंप मचा हुआ है।