लखनऊ। ओवर स्पीड में ड्राइविंग को लेकर हजरतगंज कोतवाली में 155 वाहन मालिकों के खिलाफ दर्ज केस के मामले में पुलिस ने अब तक 23 वाहनों को सीज किया है। 83 वाहन मालिकों को नोटिस भेजा गया है। हजरतगंज पुलिस के मुताबिक जिन 155 वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, उनमें से 23 के वाहनों को सीज कर दिया गया है। 83 वाहन मालिकों को नोटिस भेजा गया है। सीज किए गए सभी वाहन लखनऊ के हैं। बाकी वाहनों के बारे में पता लगाया जा रहा है। आरटीओ से विवरण हासिल करके जल्द ही अन्य वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा जाएगा।
जिन 23 वाहनों को अब तक सीज किया गया है, उन्हें पीजीआई के कल्ली पश्चिम स्थित नई पुलिस लाइन भेज दिया गया है। सीज वाहन अब कोर्ट के आदेश पर ही रिलीज होंगे।
एडिशनल एसपी श्वेता श्रीवास्तव के बेटे नामिश की हादसे में मौत के बाद शहर में ओवर स्पीड पर रोक के लिए कवायद शुरू की गई थी। आईटीएमएस की मदद से ऐसे वाहनों को चिह्नित किया गया, जिनके दो बार से अधिक चालन ओवर स्पीडिंग को लेकर हुए थे। जेसीपी एलओ उपेंद्र अग्रवाल के आदेश पर 24 नवंबर को आईटीएमएस के प्रभारी उपनिरीक्षक सुधीर बाबू ने हजरतगंज कोतवाली में 121 वाहन चालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद चार दिसंबर को आईटीएमएस दफ्तर में तैनात उपनिरीक्षक नीरज कुमार की तहरीर पर 34 वाहन चालकों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में आईपीसी की धारा 279 (सार्वजनिक रास्ते पर जल्दबाजी से वाहन चलाने) और धारा 336 (उतावलेपन या उपेक्षापूर्वक ऐसा कोई कार्य करना, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो) के तहत केस दर्ज कराया गया था।