रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के लगभग सवा दो लाख बच्चों को इसी महीने के अंत तक डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 12-12 सौ रुपये भेज दिए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। डीबीटी प्रक्रिया को हर हाल में 25 अप्रैल तक पूरा करना है, ताकि धनराशि भेजने का काम भी समय से पूरा हो जाए। इसके बाद नए दाखिले वाले बच्चों की डीबीटी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शैक्षिक सत्र 2022-23 में पढने वाले दो लाख 98 हजार 498 बच्चों में से कक्षा पांच व आठ के 68574 बच्चे पास होकर विद्यालय छोड़ चुके हैं, जबकि दो लाख 29 हजार 924 बच्चों की कक्षोन्नति के कारण शैक्षिक सत्र 2023-24 में उसी विद्यालय में पढ़ रहे हैं। इन्हीं दो लाख 29 हजार 924 बच्चों को डीबीटी के तहत इसी महीने के अंत तक लाभान्वित किया जाना है। इसीलिए सभी डीबीटी प्रक्रिया को 25 अप्रैल तक पूरा करना है। अब तक 51910 बच्चों की डीबीटी फीडिंग विद्यालय स्तर पर हो गई है। बाकी बच्चों की डीबीटी फीडिंग विद्यालय स्तर पर शीघ्र पूरा करने को कहा गया है। विद्यालय स्तर पर फीड डाटा का सत्यापन बीईओ और बीएसए करेंगे, फिर धनराशि भेजने की प्रक्रिया पूरी होगी।
कक्षा एक से आठ तक में बच्चों की संख्या तीन लाख पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिन बच्चों की कक्षोन्नति हुई है, उन्हें उसी विद्यालय में प्रवेश दिया गया है। कक्षा पांच उत्तीर्ण हो चुके बच्चों को नजदीकी परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश कराना है। सबसे ज्यादा दिक्कत कक्षा एक में नए बच्चों के प्रवेश को लेकर आएगी। इसीलिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है, ताकि स्कूल न जाने वाले सभी बच्चों का दाखिला कराया जा सके।
राज्य परियोजना कार्यालय से सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, डीसी एमआईएस अविलय सिंह, डीसी सामुदायिक संजीव गुप्ता के साथ मीटिंग हुई। इसके बाद बीएसए दफ्तर में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें डीबीटी प्रक्रिया और बच्चों के प्रवेश के संबंध में चर्चा की गई। जिला समन्वयकों ने अब तक की प्रगति से अवगत कराया। बीएसए कहा कि डीबीटी प्रक्रिया समय से पूरी कर ली जाए, ताकि बच्चे लाभान्वित हो सकें। नामांकन लक्ष्य भी पूरा करना सभी की जिम्मेदारी है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।