बेलसर (गोंडा)। क्षेत्र के थानपुरवा में दो बच्चियों की खसरे से मौत हो गई। गांव की दो बच्चियां अभी भी खसरे से पीड़ित हैं। सूचना पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवा का छिड़काव कराया। सीएचसी अधीक्षक ने बच्चियों की मौत निमोनिया से होने का दावा किया है। तहसील तरबगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर क्षेत्र के थानपुरवा के रहने चंदर की साढ़े चार साल की बेटी स्वाती खसरे से कई दिनों से पीड़ित थी। उसकी बुधवार की देर रात मौत हो गई। इससे पहले तीन मार्च को इसी गांव के रहने वाले पुजारी की एक साल की बेटी आंचल ने भी खसरे के कारण दम तोड़ दिया था। इसी गांव के रहने वाले घुरहू की तीन साल की बेटी रुचि और गांव की एक और सात साल की बच्ची रोशनी अभी भी खसरे से पीड़ित हैं। दो बच्चियों की मौत के बाद गुरुवार को गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से जानकारी ली और दवा का छिड़काव कराया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. तरुण मौर्या का कहना है कि बच्चियों की मौत खसरे से नहीं, बल्कि निमोनिया से हुई है।