खैराबाद (सीतापुर)। खैराबाद के बीच चौराहे पर रहमान चाचा जोर से आवाज लगाते हैं, सुनो, सुनो...! मैं बूढ़ा बहुत दूर से चलकर आया हूं। कोई तो मेरी बात सुनो। सब अपने-अपने काम में इतने मशगूल हैं कि अपने फायदे की बात भी सुनने का वक्त नहीं है। जो गंदगी नगर में फैली है, इसी से हमारे बच्चों की जान का खतरा है। जमीन की गंदगी पानी में मिल रही है, वही पानी पीकर बच्चे और बड़े बीमारियों का शिकार होते हैं। ये बातें सुनकर रहमान चाचा के पास भीड़ जुट गई। तब चाचा ने खैराबाद वालों को हर पल का सदुपयोग करने, सफाई रखने, शोरशराबा से बचने, सौर ऊर्जा, जल शक्ति सहित अन्य प्राकृतिक संसाधन व वन्य जीव की रक्षा जैसी बातें बताते हैं। खैराबाद के आदमखोर कुत्तों के आतंक से कैसे सतर्क रहकर बचा जा सकता है। इस पर भी उन्होंने लोगों को उपाय बताए। आप सोच रहे होंगे कि ये रहमान चाचा कौन हैं। दरअसल, रहमान चाचा और कोई नहीं बल्कि मिठाईलाल, इश्तियाक अली जैसे विशेषज्ञों द्वारा तैयार कठपुतलियों के बुजुर्ग पात्र हैं। जो सारांश दिया गया वह कानपुर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह के निर्देशन में लिखी स्क्रिप्ट से तैयार पुतुल नाटक है। जिसके जरिए स्वच्छता की अलग जगाई गई। डायट खैराबाद के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय कार्यक्रम में 54 प्रतिभागियों के अथक प्रयासों से विज्ञान स्क्रिप्ट लेखन, कठपुतली निर्माण के उपरांत अत्यंत रोचक पपेट शो तैयार किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।