रायबरेली। कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के दलित बाहुल्य 17 गांव प्रधानमंत्री आदर्श गांव बनेंगे। प्रत्येक गांव में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। कार्ययोजना तैयार होने के बाद पांच गांवों को पहली किस्त भी मिल गई है। अन्य गांवों को भी विकास के लिए बजट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले के 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित की गई है। यह योजना वर्ष 2019 से संचालित है, लेकिन बजट न मिल पाने के कारण अब तक जिले के एक भी गांव को आदर्श घोषित नहीं किया गया। अब तक जिले के 309 गांवों को आदर्श बनने के लिए चिह्नित किया गया है। पहले चरण में चिह्नित 17 गांवों में ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करके पास कराया गया, लेकिन बाद में संशोधित कार्ययोजना तैयार कराई गई।
जिले के बछरावां ब्लॉक के कन्नावां, बन्नावां, कसरावां, डलमऊ ब्लॉक के सुरसना और खीरों ब्लॉक के डुमटहर को विकास कार्यों के लिए पहली किस्त के रूप में 10-10 लाख रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा डलमऊ के टिकरन, खीरों के किशुनखेड़ा, चदौली, महराजगंज के कंसपुर, पूरे अचली, रामयमऊ, मूंगताल, बछरावां के कुंडौली, सतांव के देदानी, अमावां के उफरामऊ, संडीराम और लालापुर में विकास शुरू कराने के लिए बजट की डिमांड कर दी गई है। जल्द ही गांवों में काम कराए जाएंगे।
आदर्श गांवों में कराए जाएंगे यह काम
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में आंगनबाड़ी भवन, सोलर लाइट, नाली निर्माण, सीसी रोड, डस्टबिन, हाई मास्क सोलर लाइट सहित अन्य काम कराए जाएंगे। संबंधित गांवों में विभागों के स्तर से अन्य काम पहले ही कराए जा चुके हैं। चयनित काम होने के बाद गांव आदर्श घोषित कर दिए जाएंगे। इस गांवों में शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षाए ग्रामीण सड़कें एवं आवास, डिजिटीकरण, आजीविका एवं कौशल, ईंधन एवं बिजली, वित्तीय निष्कर्ष पर काम होना है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले में 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले 309 गांव चिह्नित किए गए हैं। विकास के लिए कार्ययोजना पास होने के बाद 17 गांवों में जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
- डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी