अयोध्या जिले में सोहावल में रौनाही थाना क्षेत्र में अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर तहसीनपुर टोल प्लाजा के बूथ नंबर-8 पर मंगलवार सुबह यात्रियों से भरी एक निजी बस पलट गई। इसमें 14 यात्री घायल हो गए। पुलिस व टोलकर्मियों ने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकलवाकर जिला अस्पताल भेजवाया। बस में कुल 60 यात्री सवार थे।
अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर मुख्यालय से करीब 21 किमी. दूर तहसीनपुर टोल प्लाजा है। यहां पर सुबह करीब पौने आठ बजे दिल्ली से दरभंगा बिहार जा रही यात्रियों से भरी एक बस बूथ नंबर आठ पर अचानक पलट गई। यह हादसा देख टोलकर्मी समेत अन्य लोग दौड़े और राहत कार्य शुरू किया। सूचना पर दलबल के साथ पहुंचे रौनाही थाना प्रभारी संतोष सिंह, एआरटीओ प्रवीण कुमार सिंह, पीटीओ संदीप चौधरी व उनकी टीम ने सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। इसमें घायल 14 यात्रियों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में बस चालक मो. कमरुद्दीन निवासी नारी भादौ वेनीपुर दरभंगा बिहार, ममता (22), उनकी तीन बेटियां प्रियांशी (2), परी (9), अंजली (4) व पुत्र देवराज (11) निवासी परहर सिहिया समस्तीपुर बिहार, मो. नसीम (37), उनका पुत्र शादुल्ला (7), मोमिना खातून, शबनम निवासी बदरबन्ना थाना बहेरा दरभंगा, रेनू निवासी पलमा थाना घनश्यामपुर दरभंगा, मोनू कुमार, राजेश लाल देव निवासी जरिया थाना बैहरी दरभंगा, करन कुद्दार निवासी गुलमा घनश्यामपुर दरभंगा शामिल हैं।
थाना प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया गया है, जहां तीन की हालत गंभीर बताई गयी। मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
चेकिंग देख चालक द्वारा बस की स्पीड बढ़ा देने का आरोप
घटनास्थल पर मौजूद टोलकर्मियों का आरोप है कि परिवहन विभाग की टीम उक्त बस का पीछा कर रही थी। इसे देख बस चालक घबरा गया और उसने बस की स्पीड बढ़ा दी। इससे बस उसके नियंत्रण में नहीं रह गई और बूथ नंबर आठ पर आकर पलट गई।
टोल प्लाजा के प्रबंधक आंशु सिंह भदौरिया ने बताया कि नियमानुसार किसी भी टोल प्लाजा के दोनों ओर 500 मीटर दूरी तक परिवहन व अन्य विभाग द्वारा वाहनों की चेकिंग नहीं की जा सकती। इसके बाद भी अक्सर ऐसा होता है। चेकिंग देख वाहन चालक हड़बड़ा जाते हैं। मंगलवार को हुआ हादसा इसी का परिणाम है।
वहीं इस संदर्भ में पीटीओ संदीप चौधरी ने बताया कि टोल प्लाजा के पास कभी भी चेकिंग नहीं लगाई जाती। टोल कर्मियों का आरोप बेबुनियाद हैं। उनके चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। अगर वह ऐसा आरोप लगाते हैं तो इसकी फुटेज सामने लाएं। उन्होंने बताया कि हाईवे व अवैध रूप से चल रही बस, ट्रक व अन्य वाहनों की चेकिंग की जाती है। हादसे के बाद हम सभी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद की। कहा कि टोल पर दिशा सूचक बोर्ड पर रिफ्लेक्टर आदि नहीं लगा हुआ है। हादसे के बाद उक्त बस की ऑनलाइन जांच की गई तो उसमें वाहन का फिटनेस नहीं था। साथ ही टैक्स भी जमा नहीं किया गया है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।