लखनऊ। इंदिरानगर इलाके में मानस सिटी के पीछे सरकारी जमीन पर बसी झोपड़पट्टी में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। लपटें इतनी तेज थीं कि वहां चीखपुकार मच गई। झोपड़पट्टी में रहने वाले लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। अग्निशमनकर्मियों ने 12 दमकल से करीब छह घंटे में आग पर काबू पाया मगर तब तक 129 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। गनीमत रही कि अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई।
मानस सिटी के पीछे सोमवार रात डेढ़ बजे झोपड़पट्टी में अचानक आग लग गई। आग की लपटें व धुएं के गुबार से वहां अफरातफरी मच गई। झोपड़ियों में रहने वाले लोग तुरंत बाहर भागे। कुछ लोगों ने आग बुझानी शुरू की मगर लपटें काबू होने के बजाय तेज होती गईं।
इस बीच गाजीपुर फायर स्टेशन की दमकल टीम वहां पहुंची और आग बुझानी शुरू की। आग की भयावहता देख गोमतीनगर, बीकेटी, हजरतगंज, चौक, आलमबाग व सरोजनीनगर फायर स्टेशन से भी दमकल बुला ली गईं। सीएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि अग्निशमनकर्मियों ने 12 दमकल की मदद से करीब छह घंटे में आग पर काबू पा लिया।
एफएसओ शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि दमकल गाड़ियों का पानी कम पड़ गया। ऐसे में मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन व मानस सिटी कॉलोनी के गेट पर लगे हाइड्रेंट से अग्निशमनकर्मी बाल्टी में भर-भरकर पानी लाए और कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई। एफएसओ ने बताया कि अग्निकांड में 129 झोपड़ियां जली हैं। ये झोपड़पट्टी सरकारी जमीन पर बसी थी, यहां कबाड़ का काम करने वाले लोग रह रहे थे।
एफएसओ शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि रात में कुछ लोग झोपड़ी के पास बैठकर अलाव ताप रहे थे। इसके बाद वे अलाव बुझाए बिना ही सो गए थे। आशंका है कि तेज हवा में अलाव की चिंगारी से ही झोपड़ियों में आग लग गई।
अग्निकांड में झोपड़ियां जलने से 129 परिवार बेघर हो गए। राख हो गए आशियाने और उसमें गृहस्थी का सामान जलने से तमाम परिवार सिसकते नजर आए। मलबे ये उठते धुएं को देख पीड़ित परिवार बिलख रहे थे तो कोई मलबे के ढेर में बचा सामान तलाशता नजर आया।