मामले के विशेष अभियोजक ने बताया कि सभी आरोपी नौकरी समेत कई तरह का प्रलोभन देकर आपराधिक षडयंत्र के तहत देशव्यापी अवैध धर्मांतरण का गिरोह चलाते थे। इस के द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांगजन विशेषकर मूकबधिर लोगो को बहला फुसलाकर, डरा कर, बलपूर्वक और नाजायज दबाव डाल कर धर्मांतरण किया जा रहा था।