बहादुरगढ़ के एसडीएम तरुण पावरिया को जिला रेड क्रॉस सोसाइटी झज्जर के नाम चेक सौंपती डॉ. आशा शर्मा।
- फोटो : AMAR UJALA
कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए हालात में इंसानियत की सेवा के लिए तमाम लोग अपने-अपने ढंग से काम कर रहे हैं। महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। शहर में अनेक स्थानों पर महिलाएं जरूरतमंद प्रवासी लोगों के लिए खाना बनाने और पैक करने में सहयोग कर रही हैं तो कई महिलाएं खुलकर आर्थिक योगदान कर रही हैं।
बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 निवासी और वैश्य महिला बीएड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा भी इस दौर में आरंभ से ही बेहद सक्रियता से काम कर रही हैं। कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए पूरा देश लगा हुआ है। हर कोई देश को इस महामारी से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसी सोच को मन में रखते हुए एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते डॉ. आशा शर्मा ने जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के नाम 21 हजार रुपये का चेक बहादुरगढ़ के एसडीएम तरुण पावरिया को सौंपा। एसडीएम ने उन्हें इसके लिए उन्हें साधुवाद दिया और कहा कि नारी शक्ति के बिना कोई भी महान काम पूरा नहुँ हो पाता। अन्य समर्थ लोगों को भी संकट के इस काल में समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए। इससे पहले वह बाबा काशी विश्वनाथ भंडारा समिति समेत कई संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए काफी मात्रा में खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवा चुकी हैं। उनके इस नेक कार्य में कॉलेज के नवीन गोयल उन्हें विशेष रूप से सहयोग दे रहे हैं। वह उन्हें समय-समय पर सारा सामान उपलब्ध करवाते हैं। गोयल ने बताया कि डॉ. आशा पिछले 15 दिन में बेरोजगारी की मार झेल रहे लोगों के लिए 325 किलोग्राम चावल, 11 बैग आटा, 27 किलोग्राम दाल, 11 किलोग्राम खाद्य तेल, 25 किलोग्राम चीनी 13 किलोग्राम नमक और बाल युवा नारी जागृति मंच को 2100 रुपये उपलब्ध करवा चुकी हैं। प्राध्यापिका दिव्या गुप्ता बताती हैं कि डॉ. आशा शर्मा एक बड़ी नेकदिल व सहृदया नारी हैं। उनसे किसी का भी दुख देखा नहीं जाता और वो उसकी सहायता के लिए आगे आ जाती हैं। महाविद्यालय की निर्धन छात्राओं की फीस देकर उनको पढ़ने में मदद करती हैं। अपने घर काम करने वाली आया की तीन बेटियों की न केवल स्कूल फीस खुद देती हैं बल्कि अपने घर में इन बच्चियों को खुद भी पढ़ाती हैं।