सर्दी के दिनों में रेल पटरियों में आने वाली दरारों, उपकरणों की विफलता को लेकर उत्तर रेलवे महाप्रबंधक ने चिंता जाहिर की। पॉइंट और क्रॉसिंग का अनुरक्षण, शंटिंग, कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर करते हुए व्यापार निगरानी का निर्देश दिया है। साथ ही सर्दियों के मौसम में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है।
बीकानेर-गुहाटी एक्सप्रेस हादसे को लेकर रेलवे सतर्क हो गया है। सर्दी के दिनों में इस तरह की दुर्घटना को टालने के लिए सभी तरह के चाक-चौबंद पर नजर रखी जा रही है। मंगलवार को उत्तर रेलवे महाप्रबंधक ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सिग्नलों, रेल दरारों और रेल वेल्डों की व्यापक रूप से निगरानी के निर्देश दिए गए। महाप्रबंधक ने समीक्षा बैठक में कहा कि जहां भी आवश्यक है वहां पेड़ों की छंटाई के लिए वन विभाग से अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। रेल पटरियों व ओवर हेड वॉयर (ओएचई) तारों को कोई क्षति नहीं पहुंचे। ट्रेनों के निर्बाध परिचालन के लिए रिले और पैनल रूमों की संरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेल परिचालन में मानवीय त्रुटियों को कम करने पर जोर दिया। विभागाध्यक्षों और मंडल रेल प्रबंधकों को समयपालनबद्धता को 95 प्रतिशत बनाये रखने और माल लदान व संरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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नवनीत शरण