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सम-विषम के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा

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सम-विषम के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा -दिल्ली के बाजारों में व्यापारियों ने हाथ पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया -नियम वापस नहीं लिया गया तो बुधवार को थाली बजा कर व्यापारी विरोध दर्ज कराएंगे अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, 17 जनवरी। सम-विषम आधार पर दुकान खोलने के निर्णय का व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है सरकार के इस निर्णय से महीने में दस दिनों से ज्यादा दुकान नहीं खुल पा रहे। क्योंकि सप्ताहांत बंदी की वजह से सप्ताह में दो दिन वैसे ही दुकानें बंद रह रही है। इसे लेकर सोमवार को व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर सदर बाजार, गांधी मार्के समेत अन्य बाजार में विरोध जताया। आगे की रणनीति के तहत 19 जनवरी को थाली बजाकर सरकार को इस नीति के खिलाफ जगाने का निर्णय लिया है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा की अध्यक्षता में हाथों पर काली पट्टी बांधकर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सदर बाजार में व्यापारियों ने विरोध किया। दुकानों के कर्मचारियों ने भी काली पट्टी बांधकर दुकान पर बैठे। इस मौके पर पम्म ने कहा कि सरकार को व्यापारियों के लिए कोई पुख्ता नीति बनाने की आवश्यकता है। समाजिक दूरी का पालन कराने के लिए दुकानदार जिम्मेवार नहीं है। बल्कि प्रशासन जिम्मेवार है। विरोध-प्रदर्शन में सदर बाजार फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश यादव, गांधी मार्केट के अध्यक्ष सतपाल सिंह मंगा, सदर बाजार निष्काम वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंह छाबरा, व्यापारी नेता दीपक मित्तल, बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव रमेश सचदेवा सहित कई व्यापारिक संगठनों ने विरोध में भाग लिया। व्यापारियों का कहना था कि सरकार की इस नीति से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। किसी व्यापारी की हफ्ते में 2 दिन तो किसी की 3 दिन दुकान खुल रही है। जिससे व्यापारियों के खर्चे तक निकलने बड़े मुश्किल हो रहे है। 19 जनवरी तक सम-विषम खत्म नहीं हुआ तो व्यापारी थाली बजाकर इसका विरोध करेंगे। सतपाल सिंह मंगा ने कहा आए दिन इस प्रकार के कानून लाकर सरकार व्यापारियों को उजाड़ने की साजिश रच रही है। जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गांधी मार्केट आशोक विहार के प्रधान केके बल्ली ने कहा कि यहीं हालात रहे तो दिल्ली का बाजार ही खत्म हो जाएगा। सम-विषम आधार पर बाजार खोलना समस्या का समाधान नहीं है। ---------------- बाजारों को तुरंत खोला जाए: बिधूड़ी · सरकार के तुगलकी रवैये से व्यापारियों की टूट गई है कमर · जुर्माना वसूली की बजाय कोरोना नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, 17 जनवरी। प्रदेश भाजपा ने कोराना के नाम पर कारोबारियों के खिलाफ सख्ती करने का आरोप सरकार पर मढ़ा है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि सरकार कोरोना की सख्ती के नाम पर सिर्फ जुर्माना वसूली पर ध्यान दे रही है। इससे व्यापारियों और दुकानदारों का जीना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने सप्ताहांत बंदी के नाम पर शनिवार और रविवार को सारी मार्केट बंद करने का आदेश दिया है। इसके बाद कम से कम बाकी पांच दिनों में तो दुकानदारों को पूरा काम करने की इजाजत दी जाए। बिधूड़ी ने कहा कि हालत यह है कि दो दिन तो सप्ताहांत के नाम पर दुकाने बंद रह रही है और बाकि बचे पांच दिन में सम-विषम के नाम पर बंदी रह रही है। इस तरह से दो-तीन दिन ही दुकानें खोलने की इजाजत है। इससे दुकानदारों की कमर टूट गई है। उन्हें बिजली के बिल भरने हैं, दुकानों का किराया देना है, दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन देना है। यह खर्चे कैसे निकालें। कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के कारण जुर्माने के रूप में 15 करोड़ रुपए व्यापारियों से वसूला गया है। बिधूड़ी ने कहा है कि सरकार अपना ये तुगलकी रवैया छोड़े और बाजारों को पूरी तरह खोलने के आदेश जारी करे। --------- नवनीत शरण
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