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कोरोना संक्रमण के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

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प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे महिलाएं रोष प्रकट करते हुए। - फोटो : Amar Ujala
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कोरोना संक्रमण के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां। एक जगह पर सैंकड़ों वर्करों को दिया जा रहा प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी वर्करों को नहीं मिल रही सुविधा।   हैल्परों को पहली नहीं दिया प्रशिक्षण अब बुलाने पर किया विरोध। संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह। एक और सरकार द्वारा प्रदेश में स्कूल कॉलेज के अलावा सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है किसी भी स्थान पर सीमित संख्या में लोगों के एकत्रित होने का प्रावधान किया है लेकिन नूंह जिले के सभी खंडों में ऐसे वक्त पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है जब कोरोना संक्रमण भी रफ्तार पकड़ रहा है। जिससे जिले में संक्रमण का खतरा कई गुणा बढ़ रहा है। बता दें कि प्रदेश के साथ जिले में आगामी एक अप्रैल से प्रारंभ हो रहे प्ले स्कूलों की तैयारियों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों का दूसरी फेस में प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इस दौरान जिले के सभी खंडों में बीते सोमवार से चल रहे आंगनबाड़ी वर्करों के प्रशिक्षण के दौरान सभी कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। वर्करों को प्रशिक्षण के दौरान बैठने के लिए मैट आदि की सुविधा तक नहीं दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें विभाग द्वारा किसी प्रकार के चाय नाश्ते का प्रबंध भी नहीं किया है। जिससे वर्करों ने विभाग व जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक चलने वाले इस प्रशिचण कार्यक्रम में वर्करों व उनकी हैल्परों को मॉस्क सेनिटाइजर की सुविधा भी नहीं दी है। जिससे यहां पर संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। वर्करों ने बताया ऐसी स्थिति में उनके लिए काफी मुश्किलें भी बढ़ रही है अगर यहां पर विभाग द्वारा नियमों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कराया जाए तो काफी हद तक राहत मिल सकती है। अधिकारियों के तुगलकी फरमानों के आगे नियम बौने : जिले में वर्करों के इस प्रशिक्षण के दौरान विभाग के अधिकारियों के तुगलकी फरमानों के बारे में आंगनबाड़ी वर्करों व हैल्परों ने नियमों के साथ कराने व कोरोना संक्रमण के बाद प्रशिक्षण कराने के लिए कहा था लेकिन इसके बावजूद भी यहां पर लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले हैल्परों को नहीं दिया प्रशिक्षण : महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पहले फेस में आंगनबाड़ी वर्करों को प्रशिक्षण दिया था उस दौरान हैल्परों को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। अब चल रहे प्रशिक्षण में हैल्परों को शामिल किया गया है। पूर्व में प्रशिक्षण नहीं मिलने पर हैल्परों ने चिंता जाहिर की। क्या कहती है जिला प्रधान : आंगनबाड़ी वर्कर हैल्पर यूनियन की जिला रीटा धारीवाल ने बताया कि एक और कोरोना संक्रमण फैल रहा है। जिला मुख्यालय के साथ कई जगहों पर सैंकड़ों वर्कर व सहायिका एकत्रित हो रही है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। विभाग द्वारा प्रशिक्षण के दौरान उन्हेें किसी प्रकार के चाय नाश्ते का प्रबंध नहीं किया है जोकि पूरी तरह से गलत है एक साथ काफी संख्या में महिलाएं आ रही है ऐसे में सरकार व प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए। समस्या का करेंगे समाधान : इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ सुभिता ढाका ने कहा कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी जिन केंद्रों पर प्रशिक्षण के दौरान चाय व बैठने का प्रबंध नहीं है वहां पर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। फोटो : असुविधाओं के प्रति रोष प्रकट करती वर्कर एवं सहायिका। 
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