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नोएडा एयरपोर्ट : २०२४ से ही शुरू होगी उड़ान

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नोएडा एयरपोर्ट : २०२४ से ही शुरू होगी उड़ान -ज्यूरिख कंपनी व नियाल के बीच हुआ करार -देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की नींव भी जल्द माई सिटी रिपोर्टर ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट से २०२४ में ही अंतरर्    ाष्ट्रीय उड़ान शुरू हो सकेगी। इस वादे के साथ बुधवार को नियाल व ज्यूरिख एयरपोर्ट कंपनी के बीच करार हो गया। देश के इस सबसे बड़े एयरपोर्ट पर हस्ताक्षर करने के मौके पर प्रदेश व जिले के कई वरिष्ठ अफसर शामिल रहे। अब इसकी नींव प्रधानमंत्री के हाथों जल्द रखे जाने की उम्मीद है। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस एयरपोर्ट के लिए करार पर साइन करने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय (दोपहर एक बजे) पर शुरू हुआ। नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, नागरिक उड्ड्यन विभाग के ही निदेशक सुरेंद्र सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, यीडा के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया की मौजूदगी में दोपहर १.१८ बजे करार पर हस्ताक्षर हुए। ज्यूरिख कंपनी ने इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नाम से एसपीवी बनाई है, उसके सीईओ किस्टोफ श्नेलमैन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने करार (कंसेशन एग्रीमेंट) पर दस्तखत किए। इस करार के साथ ही ज्यूरिख कंपनी को २९,५०० करोड़ रुपये के नोएडा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को बनाने और उसे ४० साल तक चलाने का अधिकार (लाइसेंस) भी मिल गया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश में रोजगार के लाखों अवसर मिलेंगे। यह सिर्फ गौतमबुद्ध नगर या उत्तर प्रदेश को ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक क्षमता में बढ़ोत्तरी करेगा। कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल (एशिया) के सीईओ डैनियल बर्चर ने कहा कि २०२४ में पहले चरण का काम पूरा होने पर १२ मिलियन यात्री सफर कर सकेंगे। पहला चरण १३३४ हेक्टेयर में बनेगा और चौथा (आखिरी) चरण बनते-बनते ५००० हेक्टेयर जमीन तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में वायु परिवहन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्हीं संभावनाओं का हिस्सा बनने के लिए ज्यूरिख कंपनी का यह पहला कदम है। यह प्रोजेक्ट चार चरणों में बनेगा और २९ हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च का आकलन है। उस समय इसकी क्षमता ७० मिलियन यात्री प्रति वर्ष होगी। -------- 'यह एयरपोर्ट न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, बल्कि तकनीकों में भी यह सबसे आगे रहेगा। मसलन, क्यूआर कोड से यात्री जान सकेंगे कि कौन सी फ्लाइट कहां से कितने बजे हैं। मेनटेनेंस रिपेयर व एंड ओवरहालिंग सेंटर (एमआरओ) व लॉजिस्टिक हब में बड़े पैमाने पर निवेश की योजना है। बहुत जल्द नोएडा एयरपोर्ट और इन प्रोजेक्टों पर काम शुरू होगा। २०२४ में यहां से हवाई सफर शुरू हो सकेगा।Ó कस्टोफ श्नेलमैन, सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ---------- 'नोएडा एयरपोर्ट बनाने के लिए ज्यूरिख कंपनी से करार होने की बहुत खुशी है। इसका निर्माण शीघ्र शुरू कराने की कोशिश रहेगी। २०२४ में यहां से उड़ान शुरू होने की उम्मीद है। इससे दिल्ली एनसीआर के वायु परिवहन की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। उत्तर प्रदेश में एविएशन हब विकसित करने में यह मील का पत्थर साबित होगा।Ó डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ---------- अरविंद सिंह
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