ग्रेटर नोएडा के खेड़ी भनौता गांव के रहने वाले सेवाराम ने बताया कि उनकी बेटी सपना सात दिन पहले मायके आई थी। सेवाराम के तीन बेटे भी इसी स्थान पर अलग-अलग घरों में रहते हैं। मंगलवार शाम को सपना का बेटा भव्यांश (दो वर्ष) घर के सामने खेल रहा था। अचानक खेलते खेलते हुए परिवार की नजरों से ओझल हो गया। परिजन ने उसकी आसपास के घरों में तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार सुबह भव्यांश का शव उसके मामा अमित के घर पर रखें संदूक के अंदर मिला है। शव एक कपड़े में लपेटकर रखा गया था। इससे प्रतीत हो रहा है कि मारने के बाद ही उसके शव को संदूक में रखा गया है। शव मिलने पर परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी है। पुलिस ने मामले में किसी करीबी पर हत्या की आशंका जाहिर की है। आशंका है कि दम घुटने से बच्चे की मौत हुई हो। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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एक भाई ने दूसरे भाई के घर संदूक से निकाला शव
पुलिस ने बताया कि सपना के तीन भाई यहीं पर अलग-अलग घर बनाकर अपने परिवारों संग रह रहे हैं। मंगलवार शाम से भव्यांश को सभी लोग खोज रहे थे। बुधवार को सपना के एक भाई सुमित ने दूसरे भाई अमित के घर में रखे संदूक में से शव निकाला। दोनों भाइयों के परिवार से पूछताछ चल रही है।
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सभी एंगल से हो रही जांच
खेड़ी भनौता गांव में बच्चे का शव मिलने के मामले में पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। जल्दी मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल जोन
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